पीलीभीत: एएसपी-एसडीएम से बोले पूर्व मंत्री- सीओ-कोतवाल रेप कराएं, फिर जबरन शव फुकवाएं, ईश्वर सब कुछ देख रहा है, क्या आपके नहीं हैं बेटियां

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पीलीभीत, अमृत विचार। बरखेड़ा में दरिंदगी का शिकार हुई बेटी के अंतिम संस्कार ने एक बार फिर हाथरस कांड की याद ताजा कर दी। हाथरस कांड की तर्ज पर बरखेड़ा में भी पुलिस ने छात्रा का अंतिम संस्कार दिन निकलने से पहले करा दिया। परिवार वाले चीखते-चिल्लाते रह गए। इस बात को विपक्ष ने मुद्दा …

पीलीभीत, अमृत विचार। बरखेड़ा में दरिंदगी का शिकार हुई बेटी के अंतिम संस्कार ने एक बार फिर हाथरस कांड की याद ताजा कर दी। हाथरस कांड की तर्ज पर बरखेड़ा में भी पुलिस ने छात्रा का अंतिम संस्कार दिन निकलने से पहले करा दिया। परिवार वाले चीखते-चिल्लाते रह गए। इस बात को विपक्ष ने मुद्दा बना लिया। उसके बाद इस मामले पर राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई।

इससे पहले पीड़ित परिवार से अफसरों की जब देर रात बात हुई तो उसमें छात्रा का अंतिम संस्कार सोमवार को दिन में 10 बजे के बाद कराने की बात तय हुई थी। मगर, अफसरों के तय समय से पहले छात्रा का अंतिम संस्कार कराए जाने से सपा नेता भड़ गए। प्रदेश के पूर्व खाद्य एवं रसद मंत्री हेमराज वर्मा ने एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी से चीखते हुए कहा कि सीओ-कोतवाल पहले रेप कराए, फिर जबरन शव फुकवाएं। पुलिस पूरे जिले में आग लगाना चाहती है।

पीलीभीत ही नहीं, पूरे बरेली मंडल में भी इंटर की छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या का मामला गूंजता रहा। सोमवार को दूसरे दिन भी बरखेड़ा में छात्रा का गांव पुलिस छावनी बना रहा। प्रशासनिक और पुलिस के अफसर रात से ही छात्रा के परिवार को साधने में जुटे रहे। छात्रा का पिता एक सरकारी विभाग में कर्मचारी है।

उस विभाग के अफसर को भी पिता को समझाने में लगाया गया। उसके बाद परिजनों की इच्छा के विपरीत पुलिस ने छात्रा का अंतिम संस्कार करा दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का भी जमावड़ा लगा रहा। प्रदेश के पूर्व खाद्य एवं रसद मंत्री हेमराज वर्मा की एसडीएम बीसलपुर राकेश गुप्ता और एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी से तीखी नोकझोंक हो गई। उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

उस वीडियो में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा पुलिस अफसरों से यह कहते हुए दिखे कि सीओ-कोतवाल पहले बेटियों का रेप कराएं, फिर उनका मर्डर कराकर शव फुकवाएं। हेमराज वर्मा ने पुलिस पर आरोप लगाया कि विधायक और भाजपा के गुंडे बुलाकर आप लोग छात्रा के परिवार वालों को डराओगे-धमकाओगे।

आखिर, क्या चाहते हो आप लोग। क्या जिले में आग लगाना चाहते हो। छात्रा का पिता सरकारी कर्मचारी है। दबा लिया उसको।छात्रा का भाई चिल्लाता रहा। फिर भी छात्रा का जबरन अंतिम संस्कार करा दिया गया। ईश्वर सब कुछ देख रहा है। क्या आप लोगों की बेटियां नहीं है। सोशल मीडिया पर भी पूर्व मंत्री का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई। सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं ने मृतक छात्रा के गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

अंतिम संस्कार से अफसरों को राहत
24 घंटे पहले दरिंदगी के बाद हत्या की शिकार हुई छात्रा के परिवार को देर रात तक डीएम-एसपी परिवार वालों को बंद कमरे में मनाने में जुटे रहे। आखिर में दोनों अफसर पीड़ित परिवार को समझाने में सफल रहे। छात्रा का अंतिम संस्कार होते ही पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली। बताया जाता है कि प्रशासन और पुलिस अफसरों से पीड़ित परिवार को सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजा और भाई को नौकरी देने का आश्वासन दिया है। मगर, अभी तक प्रशासन की ओर से किसी ने भी इस तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की।

छावनी में तब्दील हुआ गांव
छात्रा के साथ दरिंदगी की घटना सामने आने के बाद उसके गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। अफसर लगातार मामले की नब्ज टटोलते में जुटे रहे। देर रात आईजी बरेली भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने एसपी के अलावा अन्य पुलिस अफसरों से पूरी घटना की जानकारी ली। फिलहाल, इस मामले में 24 घंटे बाद पुलिस के हाथ खाली हैं। घटना के बाद परिवार वाले और ग्रामीणों का गुस्सा देखते हुए छात्रा के अंतिम संस्कार हो जाने के बाद भी पुलिस अलर्ट रही।

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