अयोध्या: विधायक व उम्मीदवारों के गांव में प्रवेश पर ग्रामीणों ने लगाया प्रतिबंध, जानें वजह

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पटरंगा (अयोध्या)। रुदौली विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्राम सभा मुजफ्फरपुर के ग्रामीणों ने विधायक व पूर्व एमएलए के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही 2022 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किए जाने की घोषणा कर दी है। गांव में रोड नहीं तो वोट नहीं, उम्मीदवारों का गांव में प्रवेश निषेध है जैसे स्लोगन …

पटरंगा (अयोध्या)। रुदौली विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्राम सभा मुजफ्फरपुर के ग्रामीणों ने विधायक व पूर्व एमएलए के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही 2022 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किए जाने की घोषणा कर दी है। गांव में रोड नहीं तो वोट नहीं, उम्मीदवारों का गांव में प्रवेश निषेध है जैसे स्लोगन लिखे बैनर जगह-जगह चस्पा किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांसद व विधायक की अनदेखी के चलते जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

इस दौरान ग्रामीणों ने तय किया है कि मौजूदा विधायक रामंचद्र यादव व पूर्व विधायक रूश्दी मियां को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।ग्रामीणों ने यतींद्र पांडे व संतोष पाठक के नेतृत्व में 2022 के चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है। नेशनल हाईवे एनएच 27 से मुजफ्फरपुर, गोड़खड़ा, अजरका, गौरियामऊ के रास्ते रुदौली जाने का बहुत ही आसान रास्ता है जिस रास्ते से दर्जनों गांव का आवागमन है। रोड पूरी तरह से खराब हो चुकी है, लेकिन स्थानीय नेताओं व मौजूदा विधायक रामचंद्र यादव, सांसद लल्लू सिंह की अनदेखी से मुजफ्फरपुर की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। ट

मौजूदा समय में बीजेपी की सरकार है और स्थानीय विधायक भी बीजेपी के रामचंद्र यादव हैं। इसके पहले ग्रामीण संतोष कुमार पाठक, एडवोकेट शरद यादव व रमेश पांडे आदि ग्रामीणों ने पूर्व में ज्ञापन भी सौंपा था, जिस पर विधायक के द्वारा आश्वासन दिया गया था की रोड का निर्माण कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा, लेकिन वह भी आश्वासन लॉलीपॉप था। स्थानीय नेता ग्रामीणों को बहलाने का काम कर रहे हैं। चाहे रामचंद्र यादव हो या सपा से पूर्व विधायक मंत्री रुश्दी मिया। इन दोनों नेताओं से ही जनता त्रस्त हो चुकी है सिर्फ चुनावी वादों के अलावा इनके पास कुछ नहीं है।

10 वर्षों तक सपा से रुश्दी और अभी 10 वर्षों का कार्यकाल मौजूदा विधायक रामचन्द्र यादव का रहा, जिसमें मुजफ्फरपुर जगदीशपुर से होते हुए गौरियामऊ संपर्क मार्ग की तरफ किसी भी नेता, मंत्री, सांसद व विधायक का ध्यान नहीं दिया गया, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। आने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों ही नेताओं को इसका अंजाम भुगतना होगा। आने वाली 29 तारीख को ग्रामीणों की मीटिंग प्रस्तावित की गई है, जिसमें विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। इन दोनों नेताओं को गांव में बिल्कुल घुसने नहीं दिया जाएगा।

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