बरेली: सीवर लाइन टूटने को लेकर बीडीए व जलकल आमने-सामने
बरेली, अमृत विचार। राजेंद्रनगर में आदर्श रोड सहित कई सड़कों के निर्माण के दौरान सीवर लाइन को नुकसान पहुंचाने के मामले में जलकल विभाग और बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) आमने-सामने आ गया है। ठेकेदार द्वारा सीवर लाइन के मेनहोल को तोड़ने और उसमें मलबा घुसने से वार्ड के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही …
बरेली, अमृत विचार। राजेंद्रनगर में आदर्श रोड सहित कई सड़कों के निर्माण के दौरान सीवर लाइन को नुकसान पहुंचाने के मामले में जलकल विभाग और बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) आमने-सामने आ गया है। ठेकेदार द्वारा सीवर लाइन के मेनहोल को तोड़ने और उसमें मलबा घुसने से वार्ड के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही जलकल विभाग को भी इससे काफी नुकसान पहुंचा है। इसे लेकर जलकल विभाग के महाप्रबंधक की ओर से बीडीए को नोटिस जारी कर सीवर लाइनों को तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया गया है, जबकि बीडीए के ठेकेदार की ओर से अब तक इन लाइनों को ठीक कराने को लेकर कोई सुध नहीं ली गई है।
शहर के पाश इलाके राजेंद्रनगर और आसपास के इलाकों में बीडीए झूलेलाल द्वार से स्वयंवर बारात घर तक आदर्श रोड के साथ कई और भी सड़कों का निर्माण करा रहा है। बीडीए कांट्रेक्ट देकर यह काम एक आउटसोर्सिंग संस्था के माध्यम से पूरा करा रहा है। इसमें स्वयंवर बारात घर से सिविल अस्पताल चौराहा, जो अब वीर शिवाजी छत्रपति चौक राजेंद्र नगर के नाम से जाना जाता है, वहां से होते हुए मानस अस्पताल तथा राम जानकी मंदिर जनकपुरी तक सड़कों का निर्माण शामिल है।
दिक्कत यह है कि इन कामों को कराते समय मनमाने तरीके से खुदाई होने से सीवर लाइनों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, जिसके कारण मेनहोल टूट रहे हैं और मलबा व मिट्टी सीवर लाइनों में भर रहा है। इससे इस लाइन से जुड़े बड़ी संख्या में घरों के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ठेकेदारों की इस मनमानी से नगर निगम के जलकल विभाग को भी तगड़ा नुकसान पहुंचा है। इसे लेकर जलकल विभाग के महाप्रबंधक राजेश कुमार यादव ने बीडीए को नोटिस जारी करते हुए सीवर लाइन के मेनहोल को दुरुस्त करने और उसमें भरे मलबे को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
जलकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार को पहले ही बता दिया गया था कि सड़क निर्माण के दौरान अगर सीवर संबंधित कोई दिक्कत आए तो विभाग से समन्वय जरूर बना लें, पर ऐसा न करके सीवर लाइनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जबकि इसकी मरम्मत का काम बीडीए के ठेकेदार को ही करना होगा। उधर, सीवर लाइनों को नुकसान पहुंचाने वाले ठेकेदारों की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं शुरू की गई है।
बगैर तैयारी के काम शुरू करना पड़ रहा नुकसानदायक
सड़क-नाला सहित दूसरे निर्माण कार्यों को जल्दबाजी में शुरू तो करा दिया जाता है जबकि संबंधित विभागों के इंजीनियर और कांट्रेक्ट लेने वाली संस्था के स्टाफ इसका होमवर्क ही नहीं करते कि भूमिगत लाइनें कौन सी बिछी हैं और उनकी गहराई कितनी है। उनके क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल मरम्मत की भी कोई व्यवस्था नहीं होने से इसका खामियाजा जनता को झेलना पड़ता है। इसकी शिकायत बीडीए उपाध्यक्ष से स्थानीय पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना मम्मा ने भी की है।
राजेंद्रनगर में सड़क निर्माण के दौरान बीडीए के ठेकेदारों ने सीवर लाइनों को काफी नुकसान पहुंचाया है। लाइनों के अंदर मलबा तक भरने से वे चोक हो गई हैं। इस लापरवाही के लिए बीडीए को नोटिस दिया गया है, ताकि इन लाइनों को दुरुस्त कराया जाए। -राजेश कुमार यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग
