रायबरेलीः गोकना घाट पर फैली गंदगी, मैला दिखा गंगा मैया का आंचल, जानें वजह

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रायबरेली। चारों तरफ बदबूदार गंदगी का अम्बार, खाद्य सामग्री का फैला कीचड़, पूरे गंगा तट को मैला कर गया है। तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेला शनिवार को सम्पन्न हुआ तो दुर्व्यवस्था का मंजर देखकर गंगा मां का आंचल मैला दिखा। दो साल बाद क्षेत्र के गोकना गंगा घाट पर तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेला संपन्न …

रायबरेली। चारों तरफ बदबूदार गंदगी का अम्बार, खाद्य सामग्री का फैला कीचड़, पूरे गंगा तट को मैला कर गया है। तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेला शनिवार को सम्पन्न हुआ तो दुर्व्यवस्था का मंजर देखकर गंगा मां का आंचल मैला दिखा। दो साल बाद क्षेत्र के गोकना गंगा घाट पर तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेला संपन्न हो गया, किन्तु इस मेले ने गंगा तटों पर गंदगी का अम्बार लगा दिया है। अब इसकी सफाई के लिए लगी जिम्मेदारों की टोली नदारत है। गोकना घाट पर करीब एक किमी परिधि में मेला लगता है।

नहीं दिखे सफाई कर्मी

शनिवार को मेले का समापन हुआ। जब मेले से दुकानें व दर्शनार्थी गायब हुए तो जगह-जगह गंदगी का अंबार नजर आने लगा। गंगा मां के तट पर भारी गंदगी फैली हुई है। गंदगी का आलम यह है कि वहां एक पल रुकना भी मुश्किल हो रहा है। मेले के दौरान प्रशासन ने सफाई के लिए कर्मचारी तैनात किए थे लेकिन सफाई कर्मी कहीं नजर नहीं आए। मेला दर्शनार्थी अपने साथ लाए खाद्य सामग्री अन्य अवशेष मौके पर छोड़ गए है।

यह भी पढ़ें:-नवजोत सिंह सिद्धू का करतारपुर दौरा, बोले- इमरान खान मेरे बड़े भाई, दिया है मुझे बहुत प्यार

जितेन्द्र द्विवेदी ने की सफाई

गंगा तटों पर फैली गंदगी को देखकर हर कोई हैरान है । मां गंगा गोकर्ण समिति के पदाधिकारी और वरिष्ठ पंडा जितेंद्र द्विवेदी ने जब गंदगी देखी और सफाई कर्मी लापता थे तो खुद सफाई की जिम्मेदारी संभाली और पूरे गंगा तट पर झाड़ू लगाकर गंदगी को साफ किया है।

यह भी पढ़ें:-रायबरेली: एनटीपीसी के पास कोयले भरपूर फिर भी उत्पादन हो रहा आधा, जानें क्यों?

संबंधित समाचार