मुरादाबाद : स्वच्छता में शहर की रैंकिंग सुधरी, मिला छठवां स्थान

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मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे में मुरादाबाद नगर निगम की रैंकिंग में सुधार हुआ है। प्रदेश स्तर पर लंबी छलांग लगाते हुए मुरादाबाद नगर निगम अब छठवें स्थान पर पहुंच गया है। जबकि पिछली बार 20वां स्थान हासिल हुआ था। इतना ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे में मुरादाबाद नगर निगम की रैंकिंग में सुधार हुआ है। प्रदेश स्तर पर लंबी छलांग लगाते हुए मुरादाबाद नगर निगम अब छठवें स्थान पर पहुंच गया है। जबकि पिछली बार 20वां स्थान हासिल हुआ था। इतना ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी इस बार नगर निगम को 108वां स्थान मिला है। जबकि पिछले बार हुए सर्वे में स्थित बहुत दयनीय थी और निगम पूरे देश में 150वें नंबर पर आया था।

शनिवार की देर शाम केंद्र सरकार की ओर से जारी हुए रिजल्ट के बाद स्थानीय अफसरों में खुशी की लहर है। रैंकिंग में आए सुधार के पीछे निगम अफसर कूड़ा निस्तारण के लिए किए गए प्रयासों को सराहनीय बता रहे हैं। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद निकायों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे शुरू किया गया था। इसी के तहत निकायों का स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया जाना था। वर्ष 2015-16 में पहली बार केंद्र सरकार ने यह सर्वे शुरू कराया था। इसके लिए बकायदा केंद्र स्तर पर टीमों का गठन किया गया है।

गोपनीय तरीके से निगम, पालिका और पंचायत में जाकर पथ प्रकाश, पेयजल, सड़क, कूड़ा निस्तारण, लक्ष्य के सापेक्ष वसूली, स्टाफ समेत करीब 20 प्वाइंटों पर जांच कर करती है। क्षेत्रीय लोगों से बातचीत और पूरा मौका-मुआयना करने के बाद यह केंद्र सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी जाती है। जिसके तहत निकायों को रैकिंग दी जाती है।
खासबात यह है कि रैंकिंग के आधार पर निकायों के विकास के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से बजट जारी किया जाता है। यही वजह है कि सर्वे शुरू होने के बाद निकायों की व्यवस्था में काफी सुधार हो गया है।

3.24 अरब से रैकिंग सुधारने की कवायद
आगामी सर्वे में निगम की रैकिंग में सुधार लाने के लिए अभी से कवायद शुरू कर दी गई है। करीब 3.24 अरब रुपयों से महानगर का विकास कराया जाएगा। इसके अलाव अंबाला और चंडीगढ़ की तर्ज पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए एक टीम को वहां पर भेजने की तैयारी है। इसके अलावा 141 निर्माण, 46 जलकर और 55 सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत विकास कार्य कराने की तैयारी है।

पिछली बार दिया झटका तो इस बार कूड़ा निस्तारण ने बचाया
पिछले वर्ष हुए सर्वे में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ने नगर निगम को झटका दिया था। कूड़ा निस्तारण की सही व्यवस्था न होने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जाने वाली लापरवाही के कारण वर्ष 2020 में हुए सर्वे में मुरादाबाद नगर निगम को प्रदेश में 20वां स्थान मिला था। इसके पीछे निकाय अफसरों ने कोरोना के कारण लगने वाले लाकडाउन को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि लाकडाउन खुलने के बाद तेजी से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त की गई।

कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सही करने और महानगर के विकास में जनमानस की भागेदारी बढ़ने के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई है। जल्द व्यवस्थाओं में सुधार करने के लिए कई प्रोजेक्ट में काम किया जा रहा है। अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

निगम अफसरों के सामूहिक प्रयास और महानगर वासियों के सहयोग से यह रैंक मिली है। कई मामलों में तेजी से कार्य कराया गया है। हालांकि अभी सुधार की और आवश्यकता है। मुरादाबाद को नंबर वन बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। विनोद अग्रवाल, महापौर

प्रमुख मद में खर्च होने के लिए मंजूर बजट
कार्य                                  बजट
सड़क निर्माण                    – 55 करोड़
पेयजल                              -3.02 करोड़
सुरक्षा                                -1 करोड़
प्रकाश व्यवस्था                   -1.50 करोड़
पार्कों का सुंदरीकरण           -79 लाख
विज्ञापन एवं प्रचार               -1 करोड़
स्वास्थ्य                              -1 करोड़
पाइपलाइन, टंकी, जलापूर्ति   -10 करोड़
जल निकासी व नाला सफाई – 2 करोड़
सफाई उपकरणों की खरीद -1 करोड़
प्रकाश सामग्री                    – 55 लाख

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