‘टेन फ़्लैश पॉइंट्स, ट्वेंटी इयर्स’: मनीष तिवारी की किताब को लेकर कांग्रेस पर भड़की BJP, कहा- ये आपकी विफलता का कबूलनामा है

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी ही पूर्ववर्ती कांग्रेस नेतृत्व की सरकार की आलोचना की है जो कांग्रेस की विफलता का कुबूलनामा है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए …

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी ही पूर्ववर्ती कांग्रेस नेतृत्व की सरकार की आलोचना की है जो कांग्रेस की विफलता का कुबूलनामा है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मनीष तिवारी ने वर्ष 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई नहीं करने के लिए अपनी ही पार्टी की तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है।

उन्होंने अपनी ताज़ा किताब में कहा है कि मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करके सरकार ने अपनी कमजोरी को दर्शाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी इस बात को नहीं स्वीकारेगी लेकिन भारत के लोग कभी नहीं भूलेंगे कि कैसे कांग्रेस की निष्क्रियता ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। गौरव भाटिया ने कहा कि “26/11 के हमले के वक्त तत्कालीन वायु सेना प्रमुख ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जवाबी कार्यवाई की अनुमति मांगी थी जो उन्हें नहीं दी गई। तब की सरकार की नीतियां अपंग थी।

उन्हें लोगों की जान की परवाह नहीं थी। कांग्रेस को एक खानदान की चिंता थी, देश की नहीं। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार है जिसने बालाकोट एयरस्ट्राइक की खुली छूट दी और पाकिस्तान में घुसकर दुश्मनों को मारा गया। यह दोनों सरकारों में फर्क है।

गौरव भाटिया ने कहा  कि जब 26/11 हमला हुआ तो मीडिया में आया तक कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पूरी रात पार्टी कर रहे थे। दूसरी तरफ जब पुलवामा हमला हुआ तो बालाकोट एयरस्ट्राइक हुई। हमने सर्जिकल स्ट्राइक की। पूरी दुनिया में हमारी जैसी वीर और शौर्य सेना कहीं नहीं है लेकिन कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह की सरकार ने उन्हें खुला हाथ नहीं दिया।

उल्लेखनीय है कि मनीष तिवारी ने अपनी ताज़ा किताब “टेन फ़्लैश पॉइंट्स, ट्वेंटी इयर्स” में अपनी ही पार्टी की पूर्व सरकार की आलोचना करते हुए लिखा है कि मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के बाद सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने लिखा कि एक वक्त आता है, जब कार्रवाई शब्दों से ज्यादा बोलती है।

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