अमरोहा : गोवंश को सूखा भूसा दिए जाने से डीएम खफा
अमरोहा/गजरौला, अमृत विचार। बुधवार को कान्हा गौशाला का जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी ने निरीक्षण किया। इस दौरान गोवंशीय पशुओं को खाने के लिए केवल सूखा भूसा देखकर उनका पारा चढ़ गया। इससे खफा डीएम ने गौशाला इंचार्ज एवं वरिष्ठ लिपिक नगर पालिका को निलंबन के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने गोवंशीय पशुओं की देखभाल के …
अमरोहा/गजरौला, अमृत विचार। बुधवार को कान्हा गौशाला का जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी ने निरीक्षण किया। इस दौरान गोवंशीय पशुओं को खाने के लिए केवल सूखा भूसा देखकर उनका पारा चढ़ गया। इससे खफा डीएम ने गौशाला इंचार्ज एवं वरिष्ठ लिपिक नगर पालिका को निलंबन के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने गोवंशीय पशुओं की देखभाल के लिए जगह-जगह गौशालाओं का निर्माण कराया है। जिससे छुट्टा पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पशु गौशाला में रहे। लेकिन, इसके बावजूद भी पशुओं की बेहतर देखभाल नहीं हो रही है। बुधवार को जिलाधिकारी बाल कृष्ण त्रिपाठी ने कान्हा गौशाला धनौरा रोड गजरौला का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने हरा चारा, खली, चोकर, बीमार पशुओं के सम्बन्ध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जानकारी ली।
पशुओं को सूखा भूसा दिए जाने से नाराज डीएम ने ईओ पालिका को निर्देश दिए कि गौशाला इंचार्ज, वरिष्ठ लिपिक नगर पालिका को निलंबित करने के लिए पत्र तैयार किया जाए। कहा कि पशुओं को प्रतिदिन हरा चारा, भूसा, खली, चोकर के साथ मिला कर दिया जाना चाहिए। इस दौरान दो पशु बीमार मिले लेकिन, पशुओं का इलाज संतोषजनक नहीं हो पा रहा है। चोट लगे कई दिन हो गए, लेकिन पशु का कोई उपचार नहीं किया गया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिस डॉक्टर की ड्यूटी केंद्र में बीमार पशुओं के उपचार के लिये लगाई गई है, उसका स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। कहा कि संबंधित डॉक्टर द्वारा बीमार पशुओं के उपचार सही किया जाना चाहिए और समय पर हो डॉक्टरों की टीम को गौशाला इंचार्ज से संपर्क कर जानकारी लेते रहना चाहिए। कोई भी पशु बीमार तो नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा कि ठंड का समय है सभी पशुओं को काऊ कोर्ट की व्यवस्था होनी चाहिए और पूरे गौशाला में ठंड से बचाव के लिए ढकने के लिए तिरपाल से पूरा केंद्र रात में बंद रहना चाहिए। ताकि ठंडी हवा प्रवेश न कर सके। दिन में धूप निकलने पर पशुओं को धूप में भी बाहर बांधा जाय। जो अधिक कमजोर पशु हैं। उन्हें कैल्शियम युक्त उच्च पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराया जाए। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अधिशासी अधिकारी गजरौला सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
