सलोन में बन रहा सबसे बड़ा बिजली ट्रांसमिशन, अब बदलेगी तीन जिलों की बिजली व्यवस्था
रायबरेली। सलोन तहसील क्षेत्र के सिरसिरा में 375 करोड़ से बन रहे बिजली ट्रांसमिशन का काम पूरा नहीं हो सका है। जबकि दिसंबर 2021 में बिजली ट्रांसमिशन का काम पूरा होना है। बता दें, इस ट्रांसमिशन के शुरू होने से रायबरेली, प्रतापगढ़ और अमेठी को बिजली मिलेगी। यह जिले की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना है। इस …
रायबरेली। सलोन तहसील क्षेत्र के सिरसिरा में 375 करोड़ से बन रहे बिजली ट्रांसमिशन का काम पूरा नहीं हो सका है। जबकि दिसंबर 2021 में बिजली ट्रांसमिशन का काम पूरा होना है।
बता दें, इस ट्रांसमिशन के शुरू होने से रायबरेली, प्रतापगढ़ और अमेठी को बिजली मिलेगी। यह जिले की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही तीन जिलों में बिजली की समस्या खत्म हो जाएगी लेकिन जिस तरह काम चल रहा है उसहे इसके पूरा होने में अभी वक्त लगेगा।
ट्रांसमिशन को 375 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है और चार साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था लेकिन पिछले दो साल से काम बहुत धीमा है। बताते हैं कि कोरोनाकाल के कारण निर्माण को खासा झटका लगा है। सबसे कमजोर काम सिविल डिवीजन का है। अब तक भवनों के निर्माण का काम ही अधूरा पड़ा है। असल में जब से कोरोनाकाल शुरू हुआ पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने अनदेखी शुरू कर दी है।
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इस ट्रांसमिशन से रायबरेली के अलावा अमेठी और प्रतापगढ़ जिले में विद्युत आपूर्ति की तैयारी है। इसके लिए बिजली लाइन का निर्माण हो चुका है। इसी ट्रासमिशन सेअमावां ट्रांसमिशन को भी जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही प्रतापगढ़ जिले का सांगीपुर ट्रांसमिशन जुड़ेगा। हालांकि ट्रांसमिशन का यार्ड भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो सका है। इस वजह से अंदर ट्रांसफार्मर समेत अन्य उपकरण लगाने का काम नहीं शुरू हो सका है।
घटिया निर्माण की भी शिकायत
निर्माणकार्य में मनमानी भी जमकर चल रही है। बाउंड्रीवाल ढह गई है। स्थानीय लोगों में राम खिलावन, संतोष, बेचेलाल आदि का कहना है कि मानक को ताक पर रखकर बाउंड्रीवाल बनाई गई थी।
एसडीओ सिविल डिवीजन अंकित पाठक का कहना है कि ट्रांसमिशन में सिविल का करीब 57 फीसदी काम हो चुका है। तय समय में काम पूरा करने के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। हर हाल में ट्रांसमिशन को शासन की गाइडलाइन के अनुरूप शुरू किया जाएगा।
