किसानों के प्रदर्शन का एक साल पूरा: दिल्ली पुलिस ने यातायात को लेकर परामर्श किया जारी
नई दिल्ली। किसानों के विरोध प्रदर्शन के एक साल पूरा होने पर दिल्ली यातायात पुलिस ने शुक्रवार को गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि यात्रियों को दिल्ली पहुंचने के लिए विकास मार्ग या जीटी रोड का इस्तेमाल करने की …
नई दिल्ली। किसानों के विरोध प्रदर्शन के एक साल पूरा होने पर दिल्ली यातायात पुलिस ने शुक्रवार को गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि यात्रियों को दिल्ली पहुंचने के लिए विकास मार्ग या जीटी रोड का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ”गाजीपुर अंडरपास के चौराहे पर स्थानीय पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों के कारण गाजियाबाद से दिल्ली की ओर वाहनों की आवाजाही धीमी रहने वाली है। यात्रियों को वैकल्पिक विकास मार्ग – जीटी रोड से दिल्ली जाने की सलाह दी जाती है।”
केंद्र के तीन कृषि कानूनों को औपचारिक रूप से रद्द करने और अपनी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसान पिछले एक साल से दिल्ली से सटी तीन सीमाओं – सिंघु, टिकरी और गाजीपुर में डेरा डाले हुए हैं। किसानों के प्रदर्शन के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसानों के एकत्रित होने के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
केंद्र ने हाल में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के अपने फैसले की घोषणा की थी। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एक बयान में बृहस्पतिवार को कहा, ”तथ्य यह है कि इतने लंबे संघर्ष को जारी रखना पड़ रहा है, जो स्पष्ट तौर पर सरकार की अपने मेहनतकश नागरिकों के प्रति असंवेदनशीलता और अहंकार को दिखाता है।”
एसकेएम ने कहा था कि तीन कानूनों को निरस्त करना आंदोलन की पहली बड़ी जीत है और वह अपनी शेष मांगों के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहा है। एसकेएम 40 से अधिक किसान यूनियन की अगुवाई कर रहा है। किसान संगठनों ने इस अवसर पर देश भर में कई कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है।
एसकेएम ने कहा था, ”ऐतिहासिक कृषि आंदोलन के एक साल पूरे होने के मौके पर एसकेएम के आह्वान पर दिल्ली, राज्यों की राजधानियों और जिला मुख्यालयों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता एकत्रित हो रहे हैं।” इसमें कहा गया, ”दिल्ली में विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर हजारों किसान पहुंचने लगे हैं। दिल्ली से दूर राज्यों में रैलियों, धरने और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के साथ इसे मनाने की तैयारी चल रही है।”
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