लखनऊ: 13 दिसम्बर तक बैंक्वेट और लॉन फुल, दाम्पत्य सूत्र में बंधेंगे करीब 30 हजार जोड़े

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लखनऊ। कोरोना काल से फिलहाल निबरने के बाद प्रदेश में शादियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। यही वजह है कि लखनऊ के बैंक्वेट हाल और होटेल आने वाली 13 तक फुल हैं और जो बैंक्वेट खाली हैं उनके दाम लखनऊवासियों की जेब ढीली कर रहे हैं। आपको बता दें एक दौर की सहालग निपटने के …

लखनऊ। कोरोना काल से फिलहाल निबरने के बाद प्रदेश में शादियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। यही वजह है कि लखनऊ के बैंक्वेट हाल और होटेल आने वाली 13 तक फुल हैं और जो बैंक्वेट खाली हैं उनके दाम लखनऊवासियों की जेब ढीली कर रहे हैं।

आपको बता दें एक दौर की सहालग निपटने के बाद अब वैवाहिक समारोह का दूसरा चरण 28 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। 16 दिन के दूसरे चरण में करीब 30 हजार जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधेंगे। बाजारों में बढ़ती निरंतर रौनक ने व्यापारियों एक बार फिर मुस्कुराने का मौका दिया है। होटलों से लेकर लॉन और बैंक्वेट सब आने वाली 13 दिसम्बर तक फ़ुल हैं। वहीं वो शादियां जो थीम पर आधारित हैं उनके खरीदारी और चलन में बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो साल कोरोना काल की वजह से बंद पड़े होटेल कारोबारियों के यह सहालग संजीवनी से कम नहीं है।

उत्तर प्रदेश होटल एसोसिएशन दी गयी जानकारी के मुताबिक 13 दिसम्बर सभी प्रमुख होटल फ़ुल हो चुके है। इतना ही नहीं सर्दी के बावजूद बैंक्वेट हाल और खुले लान तक में स्थान नहीं हैं। आलम यह है कि एक ही लान को दो हिस्सों में बांट कर शादियां की जा रही हैं। लखनऊ आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय कनौजिया ने बताया कि किसी भी लान में स्थान नहीं है। ज्यादातर लोगों ने अग्रिम बुकिंग करा रखी है।

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होटल,बैंक्वेट और लॉन की लगभग संख्या

ए और बी ग्रेड के प्रमुख होटल –100

होटल के लान- 150

बैंक्वेट हाल-1,000 से 1,200

खुले लान-1,200 से 1,300

लखनऊ सराफा के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल कहते हैं कि सहालग में सराफा बाजार डेढ़ से दोगुना हो चुका है। औसतन रोज 15 से 20 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। एंटीक फिनिश ज्वेलरी की मांग अधिक है। दो लाख से 10 लाख की कीमत की पोल्की सेट की खरीदारी की जा रही है। सिद्धार्थ जैन बताते हैं कि डायमंड व जड़ाऊ सेट के खरीदार अधिक हैं। देखने में भारी लगने वाले स्वर्ण आभूषणों की मांग भी जोरों पर है।

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