बरेली: महिला सखियों ने तोड़ा रिकार्ड, 20 लाख का जमा कराया बिजली बिल

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बरेली, अमृत विचार। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना से जुड़े स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपना हुनर दिखाने के लिए कपड़े बनाने से लेकर कई तरह के कार्य कर रही हैं। सामुदायिक शौचालयों की देखरेख का जिम्मा भी इनको दिया गया है। वहीं, अब उन्हें कमीशन के आधार पर बिजली बिलों के वितरण कार्य …

बरेली, अमृत विचार। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना से जुड़े स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपना हुनर दिखाने के लिए कपड़े बनाने से लेकर कई तरह के कार्य कर रही हैं। सामुदायिक शौचालयों की देखरेख का जिम्मा भी इनको दिया गया है। वहीं, अब उन्हें कमीशन के आधार पर बिजली बिलों के वितरण कार्य से जोड़ने की पहल की है। जिसके परिणाम सार्थक मिल रहे हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी लगभग 290 महिलाओं का चयन इसके लिए किया गया। इनमें से 150 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है जिनको ई-वालेट (बिल निकालने की मशीन) भी मुहैया कराई गई हैं।

इसके अलावा 70 अन्य महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह कार्य शुरू करेंगी। जिन महिलाओं को मशीन दी गई हैं उन्होंने अब तक 20 लाख रुपये से अधिक बिजली राजस्व विभागीय कोष में जमा कराया है। शुरुआत में ग्रामीण क्षेत्र के कुछ विद्युत वितरण खंडों में प्रयोग के तौर पर प्रशिक्षित महिलाओं को इस कार्य में लगाया गया, लेकिन योजना सफल होने पर अब सभी ब्लॉकों में लागू की जा रही है।

… तो इसलिए बिजली बिल वितरण से जोड़ा गया महिलाओं को
दरअसल, मनमाने तरीके से बिजली बिल जारी करने की शिकायतें अफसरों तक अक्सर पहुंचती थीं। आरोप लगाया जाता है मीटर रीडर घर आकर मनमानी तरीके से बिल बना देते हैं। जिसके चलते उनको काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इससे न सिर्फ उपभोक्ता, बल्कि पावर कारपोरेशन के अभियंता भी परेशान होते हैं।

इस तरह की शिकायतें शासन स्तर तक भी हुईं। जिसके बाद संविदा मीटर रीडरों की मनमानी से छुटकारा पाने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इस कार्य से जोड़े जाने का निर्णय किया गया। अधिकारी भी मानते हैं कि महिलाओं के काम करने से बिल संबंधी शिकायतों में कमी आने के साथ विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का पावर कारपोरेशन के संबंधित वितरण खंडों के अधिशासी अभियंताओं से अनुबंध कर लिया है।

ई-वॉलेट चलाने के लिए दिया प्रशिक्षण
एनआरएलएम के तहत गठित प्रत्येक समूह में 10 से लेकर 20 महिलाएं शामिल हैं। बिजली बिल निकालने के लिए ऐसे समूह चिह्नित किए, जिनमें महिलाएं इतनी पढ़ी-लिखी हों कि ई-वालेट चला सकें। एनआरएलए के जिला समन्वयक गुरदीप सिंह का कहना है कि समूहों की महिलाओं को ई-वॉलेट चलाने का प्रशिक्षण देकर 150 प्रशिक्षित महिलाओं को गांव-गांव भेजा गया। जो बिल जमा करने का काम कर रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मिलेगा कमीशन
शासन ने बिजली बिलों की वसूली करने वाली महिलाओं को कमीशन की दरें अलग-अलग तय की हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 2 हजार रुपये तक बिजली बिल जमा करने पर 20 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन देय होगा। बिल दो हजार रुपये से अधिक और 4999 रुपये तक होने पर एक प्रतिशत कमीशन मिलेगा। नगर क्षेत्र में 3 हजार रुपये तक बिल जमा करने पर 12 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन की दर से कमीशन देय होगा, लेकिन बिल 3000 से 49999 रुपये तक जमा होने पर 0.40 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा।

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