बरेली: आदर्श रोड पर विज्ञापन कंपनी ने बना लिए अवैध बस स्टैंड के शेड

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। एक विज्ञापन कंपनी ने करीब 4.5 करोड़ रुपये से विकसित की गई शहर की इकलौती आदर्श रोड पर गुपचुप तरीके से बस स्टैंड के शेड बनवा दिए। बताते हैं कि कंपनी को शहर में 30 जगह पर बस स्टैंड के शेड लगाने की अनुमति है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है …

बरेली, अमृत विचार। एक विज्ञापन कंपनी ने करीब 4.5 करोड़ रुपये से विकसित की गई शहर की इकलौती आदर्श रोड पर गुपचुप तरीके से बस स्टैंड के शेड बनवा दिए। बताते हैं कि कंपनी को शहर में 30 जगह पर बस स्टैंड के शेड लगाने की अनुमति है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को तीन साल पहले अनुमति दी गई थी, तब से अब तक शहर की तमाम लोकेशन बदल गई हैं। इसलिए अब वहां स्टैंड बनाया जाना उचित है या नहीं, इसकी दोबारा से अनुमति ली जानी चाहिए। इसकी जांच के लिए सहायक नगर आयुक्त के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का भी गठन कर दिया गया है।

इस विज्ञापन कंपनी को बस स्टैंड के शेड लगाने के लिए करीब करीब तीन साल पहले शहर में विभिन्न जगहों पर बस स्टैंड के लिए शेड बनाने की अनुमति दी गई थी लेकिन किसी वजह से कंपनी ने इन शेड को लगाने में कोई तेजी नहीं दिखाई क्योंकि अब शहर में लोकल रूट पर इलेक्ट्रॉनिक बसों का संचालन कराने की तैयारी के साथ ही इस विज्ञापन कंपनी ने शहर में विभिन्न जगहों पर बस स्टैंड लगाने को लेकर तेजी दिखानी शुरू कर दी है।

कंपनी ने दो साल पहले 4.5 करोड़ रुपये से सिलेक्शन प्वाइंट से शील चौराहे के बीच विकसित की गई आदर्श रोड पर भी बस स्टैंड के शेड लगा दिए हैं। जबकि अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि इस कंपनी को शहर में विभिन्न 30 जगहों पर बस स्टैंड के शेड बनाने के लिए अनुमति तो दी गई है लेकिन वे जगह कौन सी है, ये चिन्हित होनी बाकी है। इससे पहले ही संबंधित कंपनी ने नया सर्वे पूरा कराए बगैर ही आदर्श रोड पर बगैर अनुमति के लिए बस स्टैंड के शेड लगा लिए है।

बताते हैं कि कंपनी जगहों को चिन्हित किए बगैर दूसरी कई और जगहों पर ऐसे शेड लगाने की तैयारी कर रही है। इसकी जानकारी लगने के बाद अपर नगर आयुक्त ने इन शेडों को उखाड़ने के लिए निर्देश जारी कर दिए है। साथ ही इस मामले की जांच के लिए सहायक नगर आयुक्त विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम भी गठित कर दी है। अब यह मामला खुलने के बाद अधिकारियों पर कंपनी के बचाव के लिए दबाव डाला जा रहा है। शायद यही वजह है कि अवैध तौर से लगाए गए बस स्टैंड के शेड को अब तक हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं की जा सकी है।

काफी पहले की अनुमति, अब फिर से देखी जाएगी लोकेशन
इस प्रकरण की जांच कर रहे सहायक नगर आयुक्त विवेक त्रिपाठी ने बताया कि बस स्टैंड के शेड लगाने के लिए संबंधित कंपनी को काफी समय पहले अनुमति दी गई थी। अब शहर में काफी बदलाव हो चुका है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब संबंधित जगह पर शेड बनाए जाने उचित हैं या नहीं। साथ ही जिस लोकेशन पर शेड बनाए जा रहे हैं, उन्हें किस आधार पर बनाया जा रहा है। ऐसे ही तमाम बिंदुओं को देखने के बाद रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी जानी है। इसका अध्ययन हो रहा है।

आदर्श रोड की हरियाली को भी कर रहे बर्बाद
नगर निगम प्रशासन ने इस आदर्श रोड को बनाने के लिए मोटी रकम खर्च की है। इस सड़क के दोनों ओर हरियाली की जगह पर तैयारी की गई है लेकिन एक विज्ञापन कंपनी ने इस हरियाली पर ही तीन जगहों पर बस स्टैंड के लिए शेड बना लिए हैं, जिससे आदर्श रोड को नुकसान पहुंचने के साथ ही उसकी हरियाली भी बर्बाद हो रही है। सवाल यह है कि संबंधित कंपनी ने अगर यहां शेड बनाने शुरू किए थे तो समय रहते नगर निगम के अधिकारियों ने इसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की‌।

संबंधित विज्ञापन कंपनी ने दोबारा से अनुमति की उचित कार्रवाई के बगैर ही बस स्टैंड के शेड लगाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी को केवल 30 जगहों पर शेड बनाने हैं लेकिन जगह का चिन्हांकन नगर निगम को करना है। ये अभी बाकी है। मैंने आदर्श रोड पर बने शेड को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। इस मामले की जांच भी नगर निगम की एक कमेटी कर रही है। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

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