बरेली: जिम्मेदार नहीं गंभीर तो कैसे चलेगी गांवों की सरकार
बरेली, अमृत विचार। जिले की समस्त 1193 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण एक साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। शासन से निर्धारित समय निकलने के बाद भी 50 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पूर्ण नहीं हो सके हैं। इससे शासन की हर गांव में पंचायत भवन बनने की मुहिम को झटका …
बरेली, अमृत विचार। जिले की समस्त 1193 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण एक साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। शासन से निर्धारित समय निकलने के बाद भी 50 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पूर्ण नहीं हो सके हैं। इससे शासन की हर गांव में पंचायत भवन बनने की मुहिम को झटका भी लगा रहा है।
दरअसल, प्रदेश सरकार के निर्णय के तहत ग्राम प्रधान का कार्यालय, इंटरनेट सुविधा युक्त कंप्यूटर, स्कैनर आदि की पंचायत भवन में व्यवस्था की जानी है। भवन निर्माण के बाद एक पंचायत सहायक व कंप्यूटर आपरेटर की भी नियुक्ति यहां होगी। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि प्रत्येक जनपद में सैकड़ों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलें। लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं है। सरकारी आंकड़ों में 1193 ग्राम पंचायतों में 723 गांवों में नए पंचायत भवन बनने थे।
इनमें करीब 50 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां भवन अपूर्ण हैं। इसके अलावा कुछ पंचायत भवनों की मरम्मत होनी है। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि भवन निर्माण, पंचायत सहायक व कंप्यूटर आपरेटर की तैनाती आदि पर होने वाले व्यय वित्त आयोग, मनरेगा, ग्राम निधि और अन्य प्रशासनिक मद में अनुमन्य धनराशि से खर्च किए जाने को मंजूरी दी गई है।
सात ग्राम पंचायतों में जमीन का विवाद चल रहा है तो कुछ एक में जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में यह कहना गलता नहीं होगा कि फिलहाल गांव की सरकार चलाना मुश्किल है।
