लखनऊ: नकली कीटनाशक बेचने वालों के निरस्त किए जा रहे लाइसेंस
लखनऊ। प्रदेश में फसलों की बर्बादी रोकने और किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक मिल सके इसके लिए कृषि रक्षा मुख्यालय के निर्देश पर टीम का लगातार अभियान जारी है। अधूरे मानकों के बीच दुकानों का संचालन करने और असली कीटनाशक के मिलते जुलते नकली ब्रांड बेचने के आरोप में अभी तक 87 लाइसेंस निरस्त कर दिए …
लखनऊ। प्रदेश में फसलों की बर्बादी रोकने और किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक मिल सके इसके लिए कृषि रक्षा मुख्यालय के निर्देश पर टीम का लगातार अभियान जारी है। अधूरे मानकों के बीच दुकानों का संचालन करने और असली कीटनाशक के मिलते जुलते नकली ब्रांड बेचने के आरोप में अभी तक 87 लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
लाइसेंस निरस्त होने के बाद दुकानदार अब कीटनाशक का व्यापार नहीं कर सकेंगे। वहीं दूसरी ओर 4200 नमूने सील किए गये हैं। इन नमूनों को जांच लिए लैब में भेजा गया है। विभाग की ओर से 330 मुकदमें भी दर्ज कराये गए हैं। इस बारे में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कीटनाशक बेचने वाले दुकानदारों के जांच पड़ताल लगातार जारी है।
निरीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह नियमित चेकिंग अभियान चलाकर कीटनाशक दवाओं के नमूने लेते रहें, ताकि उनको लैब में टेस्टिंग के लिए समय से भेजा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिले में 46,772 कीटनाशक दवा बेचने के लाइसेंस धारक हैं। इसमें अब 87 लाइसेंस निरस्त होने के बाद 46,685 धारक ही बचे हैं।
पढ़ें- लखनऊ: फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का हुआ आयोजन, 7 दिसंबर तक चलेगा अभियान
नकली रसायन बनाने वाली कंपनियां चिन्हित
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ कंपनियों की सूची तैयार की गयी है जो नकली कीटनाशक बनाकर बाजार में खपाकर काली कमायी कर रहीं हैं, इसका नुकसान किसानों को हो रहा है। इसको देखते हुए लाइसेंस वाले दुकानदारों को भी चेतावनी जारी की गयी है कि अगर किसी के ऐसे कीटनाशक बिकते हुए पाए जाते हैं उसके सीधे लाइसेंस ही रद्द किए जाएंगे।
बता दें कि मौजूदा समय में इन दवाओं की जांच के लिए चार लैब स्थापित हैं, इसमें लखनऊ में पहली लैब आलमबाग और दूसरी रहमानखेड़ा में है। वहीं वाराणसी में एक और मेरठ में एक लैब स्थाापित है।
330 मुकदमें दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में जो भी नकली दवा बेचते पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कीटनाशक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। अभी तक 330 दुकानदारों पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
