लखीमपुर-खीरी: किसान संयुक्त मोर्चा के अधिवक्ता को ट्रक से कुचलने की कोशिश

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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। तिकुनियां हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष की जमानत याचिका का विरोध कर वापस लौट रहे संयुक्त किसान मोर्चा के गठित पैनल के एक अधिवक्ता को सीतापुर बाईपास पर ट्रक से कुचलने की कोशिश की गई। अधिवक्ता ने केंद्रीय मंत्री के करीबी एक भाजपा नेता पर धमकाने का आरोप …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। तिकुनियां हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष की जमानत याचिका का विरोध कर वापस लौट रहे संयुक्त किसान मोर्चा के गठित पैनल के एक अधिवक्ता को सीतापुर बाईपास पर ट्रक से कुचलने की कोशिश की गई। अधिवक्ता ने केंद्रीय मंत्री के करीबी एक भाजपा नेता पर धमकाने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता ने एसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

शहर निवासी अधिवक्ता मोहम्मद अमान ने बताया कि वह अपने पिता के साथ संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गठित पैनल में अधिवक्ता हैं। तिकुनियां हिंसा मामले की न्यायिक पैरवी कर रहे हैं। अधिवक्ता ने बताया कि तिकुनियां हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के मुख्य आरोपी पुत्र आशीष मिश्र की हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करने लखनऊ गए थे।

उसी दिन शाम चार बजे कलक्ट्रेट परिसर में तीन अज्ञात लोग पिता के पास से निकलते समय आपस में यह कहते सुने गए कि यही ख्वाजा वकील हैं। अधिवक्ता मोहम्मद अमान ने बताया कि पहली दिसम्बर की सुबह पांच बजे वह लखनऊ से अकेले आ रहे थे। सीतापुर बाईपास से पहले एक ट्रक ने उनकी कार में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

हालांकि वह बाल-बाल बच गए। ट्रक बाइपास के पास ओवरव्रिज से होते हुए तेज रफ्तार निकल गया। उन्होंने एसपी को दी गई तहरीर में कहा है कि शहर निवासी एक पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष ने फेसबुक पर 30 नवम्बर को एक पोस्ट डाला है कि तिकुनिया हिंसा मामला आशीष मिश्र मोनू की बेल याचिका का विरोध करने के लिए अधिवक्ता हाई कोर्ट मोहम्मद ख्वाजा व मोहम्मद अमान का वकालत नामा दाखिल किया गया।

काउन्टर के लिए सुनवाई 10 दिसम्बर को। जागो परशुराम जागो जागो सनातन लिखा गया है। उन्होंने बताया कि कथित भाजपा नेता केंद्रीय मंत्री का सहयोगी है । उन्होंने एसपी को बताया कि तिकुनिया हिंसा मामले की पैरवी करने पर दी उन्हेों धमकियां दी जा रही हैं। साथ ही कथित पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष की पोस्ट से साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की भी कोशिश की गई है। उन्होंने प्रकरण की जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।

यह है मामला
तीन अक्तूबर को तिकुनियां में हिंसा हुई थी, जिसमें जहां केंद्रीय मंत्री की थार से कुचलकर चार किसानों व एक पत्रकार की कुचलकर मौत हो गई थी। वहीं तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी। मामले की विवेचना शासन से गठित स्पेशल जांच टीम कर रही है। पुलिस ने हिंसा मामले में दो मुकदमे दर्ज किए थे।

मृतक किसान के परिजनों की तरफ से दर्ज मुकदमे में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत 11 आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जबकि दूसरे मामले में चार किसान भी जेल में बंद हैं। मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी जिला जज की अदालत से खारिज हो चुकी है। उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है।

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