यूपी में बदली कोरोना सैंपलिंग को लेकर व्यवस्था, NBRI व CDRI भेजे जाएंगे जीनोम सिक्वेन्सिंग सैंपल
लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहेर के बाद आई तीसरी लहर ने देश-विदेश में खलबली मचा दी है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन, जो कि दक्षिण अफ़्रीका में पाया गया है, इससे सभी को एक बार फिर सभी को सोच में डाल दिया है। फिलहाल अभी इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है की यह वैरिएंट …
लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहेर के बाद आई तीसरी लहर ने देश-विदेश में खलबली मचा दी है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन, जो कि दक्षिण अफ़्रीका में पाया गया है, इससे सभी को एक बार फिर सभी को सोच में डाल दिया है। फिलहाल अभी इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है की यह वैरिएंट डेल्टा से कितना खतरानाक है या कम खतरनाक है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में अब जीनोम सिक्वेनसिंग के लिए पहले सैम्पल राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान( एनबीआरआई) व केंद्रिय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) की लैब ही भेजे जाएंगे।
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इंडियन सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकाग) की 28 राष्ट्रीय स्तर की लैब में ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अब दक्षिण अफ़्रीका,बोत्स्वाना व चीन समेत ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की जाँच के लिए सैम्पल फ़िलहाल यहीं भेजे जाएंगे। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान यहां पर जिनोम सिक्वेनसिंग की जा चुकी है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वेदब्रत सिंह के मुताबिक कंसोर्टियम में उप्र में इसमें एनबीआरआइ व सीडीआरआइ की लैब शामिल हैं। ऐसे में अब विदेश से आने वाले लोगों की जीनोम सिक्वेनसिंग के लिए सैंपल इन दो लैब में भेजने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अभी तक सैंपल केजीएमयू व संजय गांधी पीजीआई जांच के लिए भेजे जा रहे थे। तमाम की जांच भी हो रही है, लेकिन आगे इन दो लैब में जांच होगी।
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वहीं किंग जोर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू),संजय गांधी पीजीआइ, मेरठ मेडिकल कालेज, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज व झांसी मेडिकल कालेज, बीएचयू आइएमएस, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और इंस्टिट्यूट आफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलाजी (आइजीआइबी) नई दिल्ली में भी जीनोम सिक्वेनसिंग के लिए तैयार रखा जाएगा। आगे मरीजों की संख्या बढऩे पर सैंपल इन लैब में भी भेजे जाएंगे।
रैपिड रेस्पॉन्स टीम के गठन में तेजी
वहीं विदेश से आ रहे नागरिकों की कोरोना जांच निगेटिव आने पर भी उन्हें सात दिन होम क्वारंटाइन रहने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश से आने वाले इन लोगों व उनके घर वालों की सेहत की रिपोर्ट इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की मदद से लिए जाएंगे। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन सभी जिलों में किया जा रहा है। एक टीम कम से कम 10 घरों की निगरानी करेगी। इसमें विशेषज्ञ डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। कोरोना के लक्षण इन लोगों में मिलने पर आरआरटी की मदद से सैंपल लिया जाएगा।
