पीलीभीत: बीएलओ पुनरीक्षण में लगाए, आवेदन वोटर हेल्पलाइन एप पर आए

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पीलीभीत, अमृत विचार। आगामी विधानसभा सभा चुनाव को देखते हुए निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में भले ही प्रशासन की ओर से गांव-गांव मतदेय स्थलों पर बीएलओ तैनात किए गए हो। मगर, हाईटेक तरीका ही कारगर साबित हो सका है। भाग दौड़ से बचते हुए युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों हर वर्ग के लोगों …

पीलीभीत, अमृत विचार। आगामी विधानसभा सभा चुनाव को देखते हुए निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में भले ही प्रशासन की ओर से गांव-गांव मतदेय स्थलों पर बीएलओ तैनात किए गए हो। मगर, हाईटेक तरीका ही कारगर साबित हो सका है। भाग दौड़ से बचते हुए युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों हर वर्ग के लोगों ने वोटर हेल्पलाइन एप से ही आवेदन किया। अब तक सामने आए आवेदनों में से 80 फीसद से अधिक आवेदन इसी एप से हुए हैं।

विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तैयारियां गति पकड़ चुकी हैं। एक नवंबर से समस्त विधानसभा क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण शुरू कराया गया था। जनपद में भी जिला निर्वाचन अधिकारी पुलकित खरे के निर्देशन में काम हुआ। 1632 मतदेय स्थल और 969 बूथों पर बीएलओ लगाए गए। तय कार्यक्रम के तहत नए वोट बनवाने और त्रुटियों का सुधार करने का काम कराया गया। इस बार लोगों को सहूलियत देने के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से हाईटेक सुविधा दी गई थी। वोटर हेल्पलाइन एप जारी किया गया था।

मोबाइल में अपलोड करने के बाद वोटर पंजीकरण, शिफ्टिंग, त्रुटि सुधार, नाम हटाने आदि सभी बिंदुओं पर आवेदन घर बैठे ही किए जा सकते थे। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम में कराए जाते रहे। बीएलओ की शिकायत भी पहुंची। औचक निरीक्षण में नदारद मिलने पर कार्रवाई भी की गई। इस पूरे अभियान में एप कारगर साबित रहा है। अभी तक नए मतदाता बनने के लिए कुल 45361 आवेदन आ चुके हैं। त्रुटि सुधार के लिए 3579 आवेदन किए गए हैं।

त्रुटि सुधार के सर्वाधिक 1029 आवेदन बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र से हैं, जबकि सदर विधानसभा से 804, बरखेड़ा 798 और पूरनपुर से 948 रहे। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार इनमें अधिकांश आवेदन एप से ही आए हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कर्मचारियों से अधिक काम एप ने कर दिखाया। हाईटेक तरीका पुनरीक्षण अभियान में भी कामयाब रहा।

उधर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए भी काफी काम चल रहा है। स्कूल, कॉलेजों, गांव-गांव में जागरूकता शिविर लगाए जा रहे। रैलियां निकाली जा रही है। इसका भी आगामी चुनाव में असर पड़ना तय माना जा रहा है।

संबंधित समाचार