लखनऊ: न्यायालय का आदेश भी नहीं मानते नगर निगम के अफसर
लखनऊ। नगर निगम के अफसर न्यायालय के आदेश को भी नहीं मानते हैं। शासन के आदेश पर नगर निगम में नियमित किए गए कर्मचारियों को अधिकारियों ने मनमानी कर हटा दिया है। यह बातें नगर निगम में बरसों से संविदा पर कार्यरत व हाल ही में हटाए गए 21 कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन …
लखनऊ। नगर निगम के अफसर न्यायालय के आदेश को भी नहीं मानते हैं। शासन के आदेश पर नगर निगम में नियमित किए गए कर्मचारियों को अधिकारियों ने मनमानी कर हटा दिया है। यह बातें नगर निगम में बरसों से संविदा पर कार्यरत व हाल ही में हटाए गए 21 कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कही है।
सोमवार को मार्ग प्रकाश विभाग में संविदा पर कार्यरत लगभग 95 संविदा कर्मचारी नगर आयुक्त को ज्ञापन देने नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे। कर्मचारियों का कहना है कि 1997 से नगर निगम में संविदा पर कार्य कर रहे हैं। वेतन भी उन्हें सीधे नगर निगम से मिल रहा है। संविदा कर्मचारी हसन जिया ने बताया कि 2012, 2016 और 2018 में हमें नगर निगम ने निकाल दिया था।
हर बार हम लोग कोर्ट के आदेश पर वापस काम पर आ गए। 2018 में कोर्ट के आदेश पर नियमित करने का आदेश ले आए, लेकिन कहा गया कि पद नहीं हैं। इसके बाद 2020 में भी नया आदेश लाने के बाद भी नियुक्ति नहीं दे रहे हैं। संविदा कर्मचारी विनय कुमार शुक्ला ने बताया कि 1997 से संविदा पर कार्य कर रहे हैं।
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2001 से पहले से कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को नियमित करने का आदेश था। शासन के आदेश पर 21 कर्मचारियों को नियमित भी किया गया था। कर्मचारियों ने कहा कि यदि कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया और हटाए गए कर्मियों को वापस नहीं लिया गया तो नौ दिसंबर को नगर मुख्यालय का घेराव करेंगे।
