मुरादाबाद : घेंघा नियंत्रण को ‘ठेंगा’, खाने में आयोडीन नमक हुआ कम

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मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में पांच फीसदी परिवारों की थाली से आयोडीन युक्त नमक गायब है। इतना ही नहीं चार सालों में आयोडीन युक्त नमक प्रयुक्त करने वाले परिवारों की संख्या में दो फीसदी गिरावट भी हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की रिपोर्ट से यह तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष …

मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में पांच फीसदी परिवारों की थाली से आयोडीन युक्त नमक गायब है। इतना ही नहीं चार सालों में आयोडीन युक्त नमक प्रयुक्त करने वाले परिवारों की संख्या में दो फीसदी गिरावट भी हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की रिपोर्ट से यह तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2015-16 में 97 फीसदी परिवारों में आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग होता था, लेकिन इस बार सर्वे में यह घटकर 95 फीसदी रह गया।

सरकार द्वारा वर्ष 1962 में 100 फीसद केन्द्रीय सहायता प्राप्त राष्ट्रीय घेंघा नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया गया था। अगस्त 2020 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय आयोडीन की कमी विकार नियंत्रण कार्यक्रम( एनआईडीडीसीपी) कर दिया गया। जिसमें आयोडीन की कमी से होने वाले सभी विकारों को शामिल किया गया। वहीं हर पांच वर्ष में होने वाले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) में खुलासा हुआ की जिले में वर्ष 2015-16 में 97 फीसदी परिवारों में आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करते थे, लेकिन अब 95 फीसदी परिवार ही आयोडीन युक्त नमक खा रहे हैं।

खाने में प्रतिदिन इतना है जरूरी आयोडीनयुक्त नमक
एसीएमओ डॉ. जीएस मार्तोलिया ने बताया कि बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि 11 माह तक के बच्चे को प्रतिदिन 50 माइक्रो ग्राम, पांच साल तक की उम्र के बच्चे को प्रतिदन 90 माइक्रो ग्राम, 6-12 साल तक के बच्चे के लिए 120 माइक्रो ग्राम व 12 साल से अधिक की आयु के लिए 150 माइक्रो ग्राम आयोडीन का सेवन करना चाहिए।

आयोडीन की कमी से होते हैं यह विकार
आयोडीन की कमी से हाइपोथायरायडिज्म सबसे आम समस्याओं में से एक है। आयोडीन की कमी से बच्चों का मानसिक विकास कमजोर होता है। आयोडीन की कमी से गूंगा-बहरा, घेंघा रोग होता है। गर्भावस्था में आयोडीन की कमी होने पर गर्भपात की आशंका रहती है।

21 अक्टूबर को मनाया जाता है जागरूकता दिवस
आयोडीन युक्त नमक के 100 प्रतिशत खपत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर को आयोडीन दिवस मनाया जाता है। हर साल स्वास्थ्य विभाग लोगों को आयोडीनयुक्त नमक के बारे में जागरूक करता है। एसीएमओ डा. जीएस मार्तोलिया बताया कि इस बार अभियान चला लोगों को जागरूक किया गया।

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