रामपुर : फैक्ट्रियों के प्रदूषण से जहरीला हो रहा भूगर्भ जल
रामपुर, अमृत विचार। रेडिको खेतान के साथ ही फेयर एक्सपोर्ट इंडिया मांस निर्यात फैक्ट्री के प्रदूषण से आसपास के गांवों में हैंडपंपों से पीला और बदबूदार पानी निकल रहा है। फेयर एक्सपोर्ट फैक्ट्री के भीतर पशुओं के कटान से निकला खून और गंदगी लगातार बोरिंग करके जमीन के अंदर डाली जा रही है। तो रेडिको …
रामपुर, अमृत विचार। रेडिको खेतान के साथ ही फेयर एक्सपोर्ट इंडिया मांस निर्यात फैक्ट्री के प्रदूषण से आसपास के गांवों में हैंडपंपों से पीला और बदबूदार पानी निकल रहा है। फेयर एक्सपोर्ट फैक्ट्री के भीतर पशुओं के कटान से निकला खून और गंदगी लगातार बोरिंग करके जमीन के अंदर डाली जा रही है। तो रेडिको खेतान शराब फैक्ट्री से निकला केमिकलयुक्त पानी एक दर्जन गांवों में नाले के जरिये बीमारियां फेंकता हुआ निकल रहा है और रामगंगा नदी के जरिये गंगा नदी को जहरीला कर रहा है। भू-गर्भ जल जहरीला होने से हैंडपंप से निकला पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्रियां बीमारियां और मौत दे रही हैं, वहीं अफसर कार्रवाई करने के बजाए मौज उड़ा रहे हैं।
फेयर एक्सपोर्ट इंडिया मांस निर्यात कंपनी पहाड़ी गेट के पास केमरी रोड पर स्थित है। इस फैक्ट्री में प्रतिदिन 1000 से अधिक पशुओं को काटकर इनका मांस कई देशों में निर्यात किया जाता है। पहाड़ी गांव के सामने स्थित इस मांस फैक्ट्री से घातक बीमारियां फैल रही हैं। पहाड़ी गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से कोई नाला बाहर नहीं निकाला जाता है। फैक्ट्री प्रबंधन ने राष्ट्रीय हरित न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर फैक्ट्री के अंदर बोरिंग के जरिये खून के गंदे मलवे को भू-गर्भ में डालना शुरू कर दिया है।
जिससे आसपास के गांवों में लगे हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। पीले और कथैले रंग के पानी आने से लोग मजबूरी में पी रहे हैं। पानी में बदबू भी आ रही है। अधिकांश इंडिया मार्का हैंडपंप भी गंदा और पीला पानी फेंक रहे हैं। पहाड़ी गांव में भी बीमारियां फैल रही हैं। आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी हर माह और तिमाही फैक्ट्री के प्रदूषण की अच्छी रिपोर्ट दिखाकर क्लीचिट देकर जा रहे हैं। दूसरी तरफ रेडिको खेतान से निकला नाला गांवों में बीमारियां बांटता हुआ निकल रहा है। सुबह को नाले से उड़ने वाली भाप से भयंकर बदबू निकलती है जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। नाले के पास के घरों में गैस के प्रभाव से ज्यादा दिक्कतें हैं।
जजेज रोड पर फैक्ट्री के ट्रकों का कब्जा
रेडिको खेतान में आने वाले भूसी से भरे ओवरलोड ट्रकों की वजह से जहां अक्सर रास्ता जाम रहता है और हादसे होते हैं, वहीं जैविक खाद गोदाम के कारण बदबूदार खाद भरा होने से ट्रैक्टर ट्रालियां निकलते रहते हैं। जजेज रोड एक तरह से शराब फैक्ट्री के कब्जे में होकर रह गया है। स्थानीय पुलिस जजेज रोड को इन वाहन से आजाद नहीं करा पा रही है। ट्रकों के आढ़ा तिरछा खड़ा होने से आवागमन करने वालों को ज्यादा समस्या होती है। अक्सर स्कूल बसें भी इसी रोड से निकलती हैं। ओवरलोड ट्रकों को नियंत्रित नहीं किए जाने से कभी भी हादसा हो सकता है।
ग्रामीण बोले-
रेडिको खेतान के केमिकलयुक्त पानी से यह जहरीला नाला गांव वालों को बीमारियां बांट रहा है। शिकायत करने के बाद भी नाले को सड़क किनारे नहीं किया जा रहा है। खेतों के बीच से इसे सड़क किनारे कर दिया जाए। – इकरार, घोसी
गांव के लोग हर साल डिस्टलरी के जहरीले नाले की समस्या को उठाते हैं। हमारी बात को न नेता सुन रहे हैं और न कोई प्रशासन का अधिकारी। सबको फैक्ट्री वाले रुपया बांटकर अपने बस में कर लेते हैं, गांव वाले बीमारी झेलते हैं। प्रेम सिंह, सूरजपुर
पूरे गांव के हैंडपंप में पीला और बदबूदार पानी निकलता है। इसे पीने को हम लोग मजबूर हैं। इसी से बीमारी लग रही हैं। डाक्टरों को हर महीने हजारों रुपये देकर इलाज करा रहे हैं। हमारी समस्या कोई सुनने वाला नहीं हैं। भूकन लाल, सूरजपुर
दलदलयुक्त यह जहरीला नाला कितना जानलेवा है यह गांव वाले ही जानते हैं। पिछले महीने बाढ़ के दौरान एक सांड़ इसके दलदल में फंसकर निकल नहीं सका, तड़प तड़प कर दम तोड़ गया। गांव वालों ने बहुत कोशिश की लेकिन सांड़ को नहीं बचा सके। मोहम्मद मोहसिन, घोसी
