कानपुर: बुजुर्ग महिला को डॉक्टरों ने हड़ताल का हवाला देकर भर्ती करने से किया इंकार
कानपुर। जूनियर रेजीडेंट देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनके कार्य बहिष्कार से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कंसलटेंट ओपीडी, इमरजेंसी और इनडोर की व्यवस्था संभाल रहे हैं। नीट पीजी की काउंसलिग में विलंब के विरोध में जूनियर रेजीडेन्ट (जेआर) की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 13 वें दिन भी जारी रही। इससे जीएसवीएम मेडिकल काँलेज से संबद्ध अस्पतालों …
कानपुर। जूनियर रेजीडेंट देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनके कार्य बहिष्कार से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कंसलटेंट ओपीडी, इमरजेंसी और इनडोर की व्यवस्था संभाल रहे हैं। नीट पीजी की काउंसलिग में विलंब के विरोध में जूनियर रेजीडेन्ट (जेआर) की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 13 वें दिन भी जारी रही। इससे जीएसवीएम मेडिकल काँलेज से संबद्ध अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार ओपीडी काउंटर में पर्चा बनवाने पहुंचे लेकिन वहां ताला लगा देख वापस लौट गए।
फिलहाल डॉक्टरों की शांतिपूर्ण हड़ताल चल रही है। डॉक्टरों में जिस तरह से आक्रोश बढ़ रहा है। उससे ये साफ है कि कभी हैलट हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवाएं ठप की जा सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो मरीजों की जान पर संकट खड़ा हो जाएगा।लिवर का मरीज इलाज के लिए दर-दर भटका गुरुवार दोपहर जनपद उन्नाव के कुटरा गाँव निवासी रामचंद अपनी साठ वर्षीय बुजुर्ग माँ को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे। रामचंद ने बताया कि,उनकी माँ के चेस्ट में संक्रमण है,सांस लेने में भी दिक्क्त हो रही है। सुबह पहले माँ को इलाज के लिए उन्नाव में जिला अस्पताल में भर्ती कराने ले गए थे। वहां भर्ती करने के बजाय डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। हैलट में बुजुर्ग माँ को डॉक्टरों ने हड़ताल का हवाला देकर भर्ती करने से इंकार कर दिया।
यशोदा नगर निवासी चंदन (35) का बुधवार देर रात एक्सीडेंट हो गया था। उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थी। साले अमित कुमार के मुताबिक,गंभीर हालत में अपने बहनोई को जब हैलट लेकर पहुंचे तो यहां पर डॉक्टर ने बहनोई की हालत देखने के बाद भी भर्ती नहीं किया। कैंट क्षेत्र स्थित बनिया बाजार निवासी पवन (29) पेंटिंग का काम करते है और लिवर की बीमारी से ग्रसित है। पत्नी रेनू ने बताया कि,पति की हालत बिगड़ने पर वो सुबह उर्सला अस्पताल पहुंची तो वहां पर डॉक्टर ने देखने के बजाय हैलट रेफर कर दिया। हैलट पहुंचने पर हड़ताल की बात कहते हुए डाँक्टर ने उनके पति को भर्ती नहीं किया। रेनू ने बताया कि वो आर्थिक तंगी से गुजर रही है,आयुष्मान कार्ड का फार्म भी भरा लेकिन कोई भी फार्म को लेने को तैयार नहीं है।
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