लखनऊ: बीजेपी कार्यालय के बाहर शिक्षक और अभ्यर्थियों ने किया धरना प्रदर्शन

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर शनिवार को चुनावी बैठक चल रही। जिसमें बीजेपी के तमाम पदाधिकारी मौजूद हैं। उसी दौरान पिछले करीब 6 महीनों से प्रदर्शन कर रहे शिक्षक और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश कार्यालय के बाहर धरना देने लगे। अभ्यर्थियों का प्रदर्शन …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर शनिवार को चुनावी बैठक चल रही। जिसमें बीजेपी के तमाम पदाधिकारी मौजूद हैं। उसी दौरान पिछले करीब 6 महीनों से प्रदर्शन कर रहे शिक्षक और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश कार्यालय के बाहर धरना देने लगे।

अभ्यर्थियों का प्रदर्शन देख हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हिरासत में लेकर इको गार्डन ले गई। बता दें कि अभ्यर्थियों की मांग है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में 22 हजार पदों को जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री योगी को दी गई चेतावनी…

धरना देने आए शिक्षक अभ्यर्थी ने कहा कि एक लाख 37 हजार के बचे 22 हजार पदों को भरा जाए। क्योंकि हम योग्य अभ्यर्थी हैं, उन्होंने सीएम योगी को चेतावनी देते हुए कहा अभी मौका और दस्तूर दोनों है भुना लीजिये। सत्ता में तभी वापस आओगे जब हमारी मांगों को पूरा करोगे। वरना 2022 में आपका सूपड़ा साफ है।

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अगर हमारी पुकार नहीं सुनी गई तो लखनऊ से कसम खा कर कहता हूं लाशों पर लाश जाएगी। लाश गिनने के लिए तैयार हो जाइये। जब तक हमारी मांगे नहीं पूरी होती तब तक हम नहीं जाएंगे।

यह है पूरा मामला….

बता दें कि शिक्षक भर्ती आरक्षण की गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भी चर्चा में आ चुकी है। अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द जांच करवाकर चयन से बाहर हो गए पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई। अभ्यर्थियों का आरोप था कि 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े अभ्यर्थियों के लगभग 6000 पदों पर घोटाला हुआ है। 2019 में आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में कई लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जिसमें से लगभग एक लाख 40 हजार अभ्यर्थी पास हुए थे।

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