बरेली: 32089 वाद सुलझे, 22.39 करोड़ रुपये का राजस्व जमा

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विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 32089 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते व अभिस्वीकृति के आधार पर किया गया। इसके साथ समझौता धनराशि के रूप में 223988821 रुपये का शुल्क वसूल किया गया। इसके अलावा 42 दंपतियों का पुनर्मिलन कराया गया। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत का …

विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 32089 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते व अभिस्वीकृति के आधार पर किया गया। इसके साथ समझौता धनराशि के रूप में 223988821 रुपये का शुल्क वसूल किया गया। इसके अलावा 42 दंपतियों का पुनर्मिलन कराया गया।

जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत का शनिवार सुबह 10:30 बजे जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेणु अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अपर जिला जज-प्रथम सुनील कुमार वर्मा ने उद्घाटन किया। नोडल अधिकारी/अपर जिला जज इफ्तेखार अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों द्वारा वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें सिविल प्रकृति के 1013 वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 168 वाद, पारिवारिक मामलों के 163 वाद, फौजदारी के 4504 वाद तथा विभिन्न राजस्व न्यायालयों द्वारा 20458 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते व अभिस्वीकृति के आधार पर किया गया।

मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में प्रतिकर की धनराशि रुपए 75747000, फौजदारी वादों में अर्थदंड के रूप में रुपए 1437640 वसूल की गई तथा दूरसंचार विभाग के 62 वादों का निस्तारण कर 102033 की धनराशि वसूल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश सत्येन्द्र सिंह वर्मा ने बताया कि लोक अदालत के आयोजन में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए जजी परिसर में 4 जगह बैंकों को बैठाया गया जिसमें विभिन्न बैंको द्वारा बैंक ऋण से संबंधित 2311 वादों का निस्तारण किया गया एवं कुल ऋ ण धनराशि रुपए 110700000 वसूल की गई। प्राधिकरण सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता धनराशि रुपये 223988821 रही।

2948 ट्रैफिक चालानों का निस्तारण करते हुए रुपए 1510115 की जुर्माना धनराशी वसूल की गई। पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हरीश त्रिपाठी, अपर प्रधान न्यायाधीश शैलौज चंद्रा व कविता निगम द्वारा इस लोक अदालत में 42 दंपतियों का पुनर्मिलन कराया गया। लोक अदालत में वादकारियों की सुविधा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई। जिसमें आने वाले वादकारियों को असुविधा से बचाने के लिए ई-चालानों तथा अन्य लंबित मामलों के संबंध में जानकारी हेल्प डेस्क पर मौजूद कर्मचारियों ने दी।

राष्ट्रीय लोक अदालत में इन्होंने प्रतिभाग किया
इस अवसर पर अपर जिला जज सत्यदेव गुप्ता, रचना अरोड़ा, अंगद प्रसाद, इफ्तेखार अहमद, अब्दुल कय्यूम, अमित सिंह, तबरेज अहमद, उत्कर्ष यादव, प्रमोद गुप्ता, शिव कुमार, हरी प्रसाद, सीजेएम अतुल चौधरी, सिविल जज हरिश्चन्द्र, मृदांशु कुमार, श्वेता यादव, एसीजेएम विष्णु देव सिंह, सत्य प्रकाश आर्या, आशुतोष, देवेंद्र कुमार, विमलेश सरोज तथा रेलवे मजिस्ट्रेट विवेक सिंह व एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। लंबित वादों का निस्तारण कराया। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में समस्त न्यायिक अधिकारियों, बैंक-बीमा कंपनी के अधिकारियों, न्यायिक कर्मचारियों का भी योगदान रहा।

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