सामाजिक चेतना जागृत करने के लिए हो रहा हिंदू एकता महाकुंभ का आयोजन: जगद्गुरु रामभद्राचार्य
चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा की बारी है। उन्होंने कहा कि हिंदू एकता महाकुंभ में चित्रकूट को धार्मिक राजधानी घोषित करने पर चर्चा की जाएगी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि 14 दिसंबर से होने वाले तीन दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ के महाआयोजन के लिए धर्मनगरी तैयार है। …
चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा की बारी है। उन्होंने कहा कि हिंदू एकता महाकुंभ में चित्रकूट को धार्मिक राजधानी घोषित करने पर चर्चा की जाएगी।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि 14 दिसंबर से होने वाले तीन दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ के महाआयोजन के लिए धर्मनगरी तैयार है। यज्ञशाला व पंडाल बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर लव जिहाद, हिंदुओं में विघटन, समान नागरिक संहिता, गोहत्या, धर्म परिवर्तन, नदियों के संरक्षण एवं सनातन धर्म की रक्षा पर प्रमुख रूप से चर्चा की जाएगी।
आयोजक रामचंद्र दास ने इस आयोजन को हिंदू चेतना का महाकुंभ बताया। उन्होंने कहा कि हिंदू चेतना के पुनरुत्थान की इस बेला पर सभी हिंदू भाइयों को सजग और सतर्क रहना चाहिए। उनको त्याग और सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। चित्रकूट हमेशा से हिंदू समाज के लिए त्याग और सेवा की ही भूमि रही है और इसको अब हिंदू एकता महाकुंभ के आयोजन की जिम्मेदारी मिली है।
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उन्होंने कहा कि चित्रकूटवासियों का कर्तव्य है कि वे अपने व्यवहार से सेवा-सत्कार की मिसाल पेश करें। बताया कि आयोजन की अध्यक्षता जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महराज करेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इसमें शामिल होंगे।
देश के प्रमुख पीठों के पीठाधीश्वर भी महाकुंभ में सम्मिलित होकर अपने विचार रखेंगे। कटनी विधायक संजय पाठक आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। बताया कि देश के कोने-कोने से सनातनी हिंदू इसमें शामिल होंगे। इसमें साध्वी ऋतंभरा व श्रीश्री रविशंकर आदि के आने की भी संभावना है। इसमें पूरे विश्व के हिंदुओं को एकजुट होने के संदेश देने का संकल्प लिया जाएगा।
