जीवन की विभिन्न समस्याओं का हल है गीता : जयसिंह
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बुंविवि) के जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान के समन्यवयक जयसिंह ने मंगलवार को गीता जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गीता जीवन का सार है। जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का हल इसी में है। गीता जयंती पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन …
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बुंविवि) के जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान के समन्यवयक जयसिंह ने मंगलवार को गीता जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गीता जीवन का सार है। जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का हल इसी में है।
गीता जयंती पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया इस अवसर पर जयसिंह ने कहा कि गीता मनुष्य को बिना विचलिए हुई निरंतर कर्म पथ पर चलकर जीवन को संवारने की सीख देती है और जीवन को समग्रता से समझने का ज्ञान देती है। संस्थान के पूर्व समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने गीता की विशिष्टताओं का उल्लेख करते विद्यार्थियों को इसके अध्ययन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान सभी प्रकार के मोह का क्षय करता है।
शिक्षक उमेश शुक्ल ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने सखा अर्जुन के मन में उत्पन्न दुविधा को दूर करते हुए मानव जीवन को सफल और सुखी बनाने के लिए उन्हें गीता का ज्ञान दिया। कृष्ण ने जो उपदेश अर्जुन के संशय और भ्रम को दूर करने के लिए दिया था आज वही ज्ञान मनुष्य को विभिन्न समस्याओं के समाधान देता है। गीता जीवन जीने की कला सिखाती है।
अपनी विशिष्टताओं के चलते ही दुनिया की 175 भाषाओं में इसका अनुवाद किया गया। दुनिया गीता के ज्ञान के अध्ययन को अपना सौभाग्य मानती है। हमें अपने पुरखों की इस थाती का अध्ययन कर अपने समाज और देश को अग्रणी बनाना है। उन्होंने गीता की विशिष्टताओं को रेखांकित भी किया। कार्यक्रम में राघवेंद्र दीक्षित. सतीश साहनी. वीरेंद्र कुमार समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
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