लखनऊ: अगले 48 घंटों में उग्र हो सकता है फार्मासिस्ट आंदोलन
लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का प्रदेश भर के अस्पतालों में 2 घंटे कार्य बहिष्कार सातवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण अस्पतालों में दो घंटे कार्य बाधित रहने से मरीजों को दवा नहीं मिली। जिस कारण उन्हें परिशानी का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार अगले 48 घंटों में यह आंदोलन उग्र …
लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का प्रदेश भर के अस्पतालों में 2 घंटे कार्य बहिष्कार सातवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण अस्पतालों में दो घंटे कार्य बाधित रहने से मरीजों को दवा नहीं मिली। जिस कारण उन्हें परिशानी का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार अगले 48 घंटों में यह आंदोलन उग्र रूप धारण कर सकता है।
कार्य बहिष्कार के दौरान प्रदर्शन व सभा में संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला ने कहा कि बुधवार को पूरे प्रदेश में महानिदेशक के पत्र के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि महानिदेशक को विभाग का मुखिया होने के नाते फार्मेसिस्ट संवर्ग की समस्याओं को हल करने के प्रयास करने चाहिए थे परंतु उनके की ओर से फार्मासिस्ट को कार्रवाई करने का पत्र जारी कर दिया जो कि उचित नहीं है।
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इस मौके पर उमेश मिश्रा व प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय पांडे ने कहा कि यदि उच्च अधिकारियों की ओर से वार्ता के माध्यम से सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाते हैं तो अगले 48 घंटों में यानी 17 दिसंबर से प्रदेश भर के चिकित्सालय में कार्यरत फार्मासिस्ट पूरी तरह कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे जिस कारण जनता को होने वाली असुविधा की पूर्ण जिम्मेदारी शासन व महानिदेशालय की होगी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से के के सचान, सुभाष श्रीवास्तव, मनमोहन मिश्रा, सुशील त्रिपाठी, श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता,संजय कनौजिया, और आर पी सिंह आदि मौजूद रहे।
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