एसआई भर्ती परीक्षा में लगे धांधली के आरोपों पर जानें बोर्ड ने क्या कहा?

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लखनऊ। पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती 2020-21 की परीक्षा में धांधली होने की अफवाहों को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ( यूपीपीआरपीबी), लखनऊ ने सिरे से नकार दिया है। बोर्ड ने एक ट्वीट कर परीक्षा में धांधली के आरोपों को निराधार बताते हुए अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में …

लखनऊ। पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती 2020-21 की परीक्षा में धांधली होने की अफवाहों को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ( यूपीपीआरपीबी), लखनऊ ने सिरे से नकार दिया है। बोर्ड ने एक ट्वीट कर परीक्षा में धांधली के आरोपों को निराधार बताते हुए अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और आधिकारिक जानकारी के लिए बोर्ड की वेबसाइट देखें।

विदित हो कि गत 12 नवंबर से 02 दिसंबर के बीच 9534 पदों पर एसआई भर्ती की परीक्षा हुई थी। गत बुधवार को कई अभ्यर्थियों ने ट्विटर पर ”हैश यूपीस्कैम2021’’ अभियान चलाते हुए लिखा था कि कई अभ्यर्थियों के 152 से 159 तक प्रश्न सही बताए गए हैं, जबकि प्रश्नपत्र इतना भी आसान नहीं था। साथ ही अभ्यर्थियों ने एक फोटो भी शेयर की जिसमें एक लैपटॉप में प्रश्नपत्र खुला हुआ दिख रहा है।

इसपर यूपीपीआरपीबी ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए बताया कि परीक्षा से संबंधित उत्तर कुंजी 10 से 16 दिसंबर तक बोर्ड की वेबसाइट पर जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई हैं। उक्त समयसीमा में प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी और अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार ही अभ्यर्थियों को अंक जारी किये जाएंगे।

अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार प्राप्तांकों के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा और सत्यापन के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा कराई जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि लिखित परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म भरने में बायोमीट्रिक पर जिन अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गये हैं, केवल उन्हें ही सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।

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