लखीमपुर खीरी: करूणा हास्पिटल को नोटिस, हास्पिटल हो सकता है सीज
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिले में बिना मानकों के तमाम प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहे है। यह अस्पताल मरीजों की जान की परवाह भी नहीं करते है। अमृत विचार में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे प्राइवेट अस्पताल शीर्षक से छपी खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग गंभीर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने करुणा हास्पिटल की …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिले में बिना मानकों के तमाम प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहे है। यह अस्पताल मरीजों की जान की परवाह भी नहीं करते है। अमृत विचार में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे प्राइवेट अस्पताल शीर्षक से छपी खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग गंभीर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने करुणा हास्पिटल की प्रारंभिक जांच की है। जांच में न तो अस्पताल में प्रशिक्षत पैरामेडिकल स्टाफ मिला है और न ही डाक्टर मिले है। अस्पताल में और भी कई चीजें मानक के अनरूप नहीं मिली है। प्रारंभिक जांच मंे गड़बड़ी मिलने के बाद सीएमओ ने करुणा अस्पताल को नोटिस जारी किया है। इसमें अस्पताल के पंजीकरण सहित अन्य कागजात दिखाने को कहा गया है। अस्पताल का पंजीकरण न होने पर अस्पताल सीज कर दिया जाएगा।
जिले में प्राइवेट अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे है। इसी शीर्षक से अमृतविचार ने 11 दिसंबर को खबर प्रकाशित की थी। इसमें मोहल्ला हिदायत नगर निवासी यूनुस ने शिकायत की थी कि वह अपनी गर्भवती पत्नी को दिखाने के लिए करुणा हास्पिटल रंगीलानगर लेकर गया था। करुणा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और खून की जांच कराई गई। इसके बाद उससे कहा गया कि बच्चे के दिमाग में पानी है। यह बच्चा दिमागी रूप से दिव्यांग रहेगा पत्नी की जान को भी खतरा है। यह कहते हुए एबार्सन की सलाह दी। एबार्सन के नाम पर भी उससे काफी रूपये लिए गए। काफी समय तक इलाज भी कराना पड़ा। इसके बाद जब उसने दूसरे डाक्टरों को दिखाया तो उन लोगों ने कहा कि बच्चा स्वस्थ था गर्भाशय के ब्लेडर में पानी था जो इलाज से ठीक हो जाता।
इस संबध में सीएमओ से बातकर खबर बनाई गई थी। अृमतविचार में खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ ने इसकी प्रारंभिक जांच कराई जांच में अस्पताल मानक विहीन मिला। अस्पताल में न तो प्रशिक्षत पैरा मेडिकल स्टाफ मिला और नही डाक्टरों का स्टाफ मिला। इतना ही नहीं अस्पताल में अन्य मानक भी पूरे नहीं मिले। इसके बाद सीएमओ ने अस्पताल को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया हैं कि वे अपने अस्पताल के पंजीकरण के कागजात और पैरामेडिकल स्टाफ आदि के बारे में विवरण दें। विवरण नहीं मिलने पर अस्पताल सीज कर दिया जाएगा।
मानक पूरे नहीं तो सीज होगा अस्पताल
किसी भी अस्पताल का पंजीकरण होना आवश्यक है इसके अलावा सभी स्टाफ प्रशिक्षित होना चाहिए। मरीजों के उपचार की सभी आवश्यक उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं होनी चाहिए। करुणा अस्पताल प्रारंभिक जांच में दोषी मिला है। मानक पूरे नहीं हैं और अस्पताल का पंजीकरण नहीं है तो अस्पताल सीज कर दिया जाएगा।
डा शैलेंद्र भटनागर
जिले में भर में होगी अस्पतालों की जांच
सीएमओ शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि जिले में चल रहे प्राइवेट अस्पतालों की जाचं कराई जाएगी। इसके लिए एसीएमओ अश्वनी कुमार को निर्देश दिए गए है। जहां मानक पूरे नहीं हैं वे लोग या तो अस्पताल की सुविधाओं में सुधार करें और सभी मानक पूरे करें अन्यथा की स्थिति में ऐसे अस्पतालों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
