बहराइच: हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास, कोर्ट ने 23 साल बाद सुनाया फैसला

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बहराइच। थाना कोतवाली भिनगा के मझौवा नौबस्ता गांव निवासी हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने सुनाई सजा सुनाई है। 23 साल के लंबे जद्दोजहेद के बाद फैसला आने पर पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है। एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि जनपद श्रावस्ती …

बहराइच। थाना कोतवाली भिनगा के मझौवा नौबस्ता गांव निवासी हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने सुनाई सजा सुनाई है। 23 साल के लंबे जद्दोजहेद के बाद फैसला आने पर पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है। एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि जनपद श्रावस्ती के कोतवाली भिनगा निवासी गुरुवचन का गांव के ही राधेश्याम के बीच रास्ते के विवाद को लेकर काफी समय से रंजिश चली आ रही थी।

एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि विवाद के चलते 19 अप्रैल 1998 को राधेश्याम के सहयोगी अभयराज शुक्ल, शिशुपाल शुक्ल, भानुप्रताप शुक्ल व रामनारायन शुक्ल ने वादी मुकदमा गुरुवचन, उनके पुत्र रामउजागर व भतीजे राजनारायन पर हमलावर होते हुए हंसिया, लाठी डंडों से मारना पीटना शुरू कर दिया। शोर होने पर आस-पास गांव के लोग एकत्रित होने लगे। इसी दौरान सभी हमलावर घटना स्थल से फरार हो गए। एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि थाने ले जाते समय रास्सते में ही वादी मुकदमा के भतीजे राजनारायन की मौत हो गई।

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घायल अवस्था में वादी मुकदमा व उनके पुत्र ने थाने पर पंहुचकर घटना की जानकारी दी। मामले में पुलिस ने मौके पर पहुंचाकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए सभी अभियुक्तों के खिलाफ 20 अप्रैल 1998 को नामजद मुकदमा दर्ज किया था। एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि मामले में शुक्रवार को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ईसीएक्ट मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय ने दोनों पक्षों के बहस सुनने के बाद सभी अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाते हुए अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायाधीश ने अभिययुक्तगणों पर बीस-बीस हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की रकम जमा न करने पर सभी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। करीब 23 साल के लंबे जद्दोजहेद के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायाधीश का फैसला सुनकर राहत की सांस ली है।

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