अमेठी: कड़ाके की ठंड में भी नहीं जल रहे अलाव, प्रसासन बना उदासीन
अमेठी। रोज की अपेक्षा रविवार को ज्यादा ठंड रही। दोपहर में बर्फीली हवाएं चलने से धूप का असर न के बराबर रहा। इससे लोग दिन में भी ठंड से कांपते रहे। शाम होते ही फिर कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। इससे रात में बहुत जरूरी कार्य होने पर ही लोग घर से बाहर निकले। …
अमेठी। रोज की अपेक्षा रविवार को ज्यादा ठंड रही। दोपहर में बर्फीली हवाएं चलने से धूप का असर न के बराबर रहा। इससे लोग दिन में भी ठंड से कांपते रहे। शाम होते ही फिर कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। इससे रात में बहुत जरूरी कार्य होने पर ही लोग घर से बाहर निकले। फिर भी प्रशासन की उदासीनता नजर आई, क्योंकि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नगर पंचायत अमेठी, गौरीगंज, जायस, मुसाफिर खाना में अभी तक प्रमुख चौराहों पर अलाव नहीं जलाए गए।
इसके चलते राहगीरों व गरीबों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और रात की कड़ाके की गलन भरी ठंड से निजात पाने के लिए लोगों को अपने से अलाव की व्यवस्था करनी पड़ रही है। समर्थ लोग तो खरीदकर लकड़ी आदि जला लेते हैं, लेकिन सबसे अधिक दिक्कत तो गरीबों की है। जिनके पास न पहनने को गर्म कपड़े हैं, न ओढ़ने को कंबल आदि और न ही रहने को छत है। ऐसे में कड़ाके की ठंड में रात बिताना उनके लिए दूभर हो गया है। नगर पंचायत प्रशासन, भी इस ओर से मुंह मोड़े हुए है। इस बार अभी तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
समाजवादी पार्टी के तिलोई विधान समा अध्यक्ष छेदीलाल यादव का कहना है कि प्रशासन केवल खाना पूर्ति कर मामले से पल्ला झाड़ लेता है। जबकि सरकार ने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया था कि ठंड से लोगों को बचाने के लिए कंबल व अलाव आदि की व्यवस्था कराई जाए लेकिन यह सब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
वहीं, क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि भी इस मामले से अनजान बने हुए हैं। इसी प्रकार तहसील तिलोई, मोहनगंज, सिंहपुर, बहादुरपुर, संग्रामपुर, भेटुआ, शाहगढ, मुसाफिर खाना, जगदीशपुर, शुकुल बाजार, शिवरतनगंज, इन्हौना, बीएचईएल, जामो, मुंशीगंज, सहित विभिन्न बाजार तथा ग्रामीणाचलो मे कडाके की ठंड से राहगीर और गरीब बेसहारा लोगों के ठंड से बचाव के लिए अलाव के कोई भी प्रबंध नही किये गए है जबकि ठंड जारी है।
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