कृषि शिक्षा प्रणाली में निरंतर बदलाव की जरूरत: आनंदीबेन पटेल

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अयोध्या। कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में पहुंचीं कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सबसे पहले रामनगरी के पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शरीफ को सलाम किया और कहा की शिक्षा ही वह स्रोत है जो जीवन में पथ प्रदर्शन का कार्य करती है। समारोह में 25 …

अयोध्या। कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में पहुंचीं कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सबसे पहले रामनगरी के पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शरीफ को सलाम किया और कहा की शिक्षा ही वह स्रोत है जो जीवन में पथ प्रदर्शन का कार्य करती है। समारोह में 25 को गोल्ड मेडल व 498 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। अध्यक्षता कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ मंगला राय व विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत मौजूद रहे। कुलाधिपति ने 7 पीएचडी छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक व 11 छात्र छात्राओं को कुलपति स्वर्ण पदक और 7 छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। कुलाधिपति ने कहा कि कृषि शिक्षा प्रणाली में निरंतर बदलाव की जरूरत है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को नसीहत देते हुए कहा कि एक-एक किसान के घर जाएं और उनकी समस्या को देखते हुए मौसम में फसल बिगड़ने न पाए इस दिशा पर अपना मार्गदर्शन दें।

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उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से विकसित की गई विभिन्न प्रजातियों धान, सरसो, अरहर, आंवला, बेर व बेल को लोकप्रिय बताया। उन्होंने अपनी ओर से दिए गए निर्देशों के क्रम में कहा कि मेरे द्वारा विश्वविद्यालय से यह मांग की गई थी कि ऐसा पौधा विकसित करें, जिससे कम से कम 2 फसल ली जा सके। इसी क्रम में कृषि विश्वविद्यालय की ओर से टमाटर और आलू फसल का एक पौधा तैयार किया गया है। जिसका नाम विश्वविद्यालय ने पोमैटो रखा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को कहा कि यह प्लांट केवल विश्वविद्यालय में ही नहीं होना चाहिए।

बल्कि किसानों के खेत में भी इस प्रकार के पौधे लगने चाहिए। 9 जनपदों से 11 प्रगतिशील कृषकों को अंग वस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित हुए। मिल्कीपुर ब्लॉक क्षेत्र स्थित चार परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 20 नौनिहालों व संबंधित शिक्षक भी अलंकृत हुए। कुलपति डॉ विजेंद्र सिंह ने उपलब्धियों को गिनाया। संचालन मौसम वैज्ञानिक डॉ सीताराम मिश्रा ने किया। विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ ए पी राव, डॉ उमेश चंद्र, डॉ आरपी सिंह, डॉक्टर अखिलेश कुमार सिंह सहित समस्त अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष और शिक्षक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

भारतीय परिधान बना आकर्षण का केंद्र…

दीक्षांत समारोह में भारतीय परिधान का अंदाज सबसे अलग दिखा। ऑडिटोरियम में विवि के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष अधिष्ठाता प्राचीन भारतीय वेशभूषा कुर्ता धोती व सदरी और साफे में नजर आए। वहीं दूसरी ओर उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र एवं छात्राएं भी कुर्ता पाजामा धारण किए हुए थे। कुर्ता-धोती और कुर्ता पजामा के बीच सिर पर केसरिया रंग की पगड़ी विश्वविद्यालय के शिक्षकों सहित छात्र-छात्राओं को अलग अंदाज में शोभायमान कर रही थी।

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