बरेली: एक्सप्रेस-वे के जमाने में लकड़ी पुल पर दौड़ रही जिंदगी

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बरेली, अमृत विचार। सरकार औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखकर लोगों की जिंदगी की रफ्तार बढ़ा रही है। मूलभूत सुविधाएं देने के दावे भी खूब कर रही है पर नवाबगंज तहसील की पनघैली नदी पर जर्जर और पतली लकड़ियों का बना पुल सरकार के दावों को झुठला भी रहा है। करीब …

बरेली, अमृत विचार। सरकार औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखकर लोगों की जिंदगी की रफ्तार बढ़ा रही है। मूलभूत सुविधाएं देने के दावे भी खूब कर रही है पर नवाबगंज तहसील की पनघैली नदी पर जर्जर और पतली लकड़ियों का बना पुल सरकार के दावों को झुठला भी रहा है। करीब 20 साल से एक्सप्रेस-वे के दौर में हजारों लोगों की जिंदगी लकड़ी के पुल पर जान हथेली पर रखकर दौड़ रही है। कम चौड़े लकड़ी पुल से गुजरने के दौरान लोगों को नदी में गिरने का डर हर वक्त सताता रहता है।

बताते हैं कि पुल से 40 गांवों के लोगों का रास्ता है। दिन में एक हजार से अधिक लोग प्रतिदिन गुजरते हैं। लोग मोटरसाइकिल पैदल निकालते हैं। स्कूली छात्र-छात्राएं भी पैदल डर-डरकर साइकिलें निकालती हैं। भले ही नदी में पानी कम है लेकिन पुल से गिरने वाले की जान जरूर खतरे में पड़ेगी।

ग्रामीण हर चुनाव में पुल का निर्माण कराने की मांग रखते हैं और जनप्रतिनिधि हर चुनाव में पुल बनवाने का वादा कर भूल जाते हैं। विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव, इस पुल को लेकर आवाज जरूर उठी लेकिन इस बार ग्रामीण चुप बैठने वाले नहीं हैं। ग्रामीण कहते हैं कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार 36230 करोड़ की लागत से प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने के लिए करीब 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे बनवाने की आधारशिला रख सकती है तो क्या पनघैली नदी पर पुल नहीं बनवा सकती है। पनघैली नदी का यह क्षेत्र ग्राम सभापुर में आता है।

ग्रामीण कहते हैं कि जनप्रतिनिधियों से अब पुल को लेकर कहना बंद कर दिया। लकड़ी के पुल के सहारे निकलने को अपनी किस्मत मानकर खामोश बैठ गए हैं लेकिन पैनी नजर संस्था ने ग्रामीणों की आंखें खोल दी हैं। अपने हक के लिए जनप्रतिनिधियों पर वोट से चोट करेंगे।

पैनी नजर संस्था की अध्यक्ष ने पुल की स्थिति देख जताई हैरानी
पैनी नजर सामाजिक संस्था की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार ने सोमवार को ग्राम सभापुर क्षेत्र में नदी पर बने लकड़ी पुल की स्थिति देखी। उन्होंने वहां से निकलने वाले तमाम लोगों से बात की। उन्होंने बताया कि सालों से निकल रहे हैं किसी ने पुल बनाने के लिए सुध नहीं ली। 20 साल से लकड़ी पुल पतली लकड़ियों पर टिका है। जर्जर होने पर ग्रामीण ही इसे दुरुस्त करते हैं। सुनीता गंगवार कहती हैं कि जर्जर पुल का मामला उच्चस्तर पर उठाएंगी ताकि लोगों की तकलीफों को दूर कराया जा सके।

ग्राम सभापुर के पास नदी पर बने लकड़ी पुल के स्थान पर पुल बनाने को लेकर प्रस्ताव भेजने के बारे में मुझे अभी कोई जानकारी नहीं है। कल जानकारी कराकर बताता हूं। -रमेश चंद्रा, उप जिलाधिकारी, नवाबगंज

एमपी आर्य बोले- ग्रामीणों की मांग पुरानी
नवाबगंज विधानसभा से दावेदार एवं भाजपा नेता एमपी आर्य से लकड़ी पुल के संबंध में बात की गई तो उनका एक ही जवाब। ग्रामीणों की पुल निर्माण की मांग बरसों पुरानी है। चुनाव के बाद पुल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करवाने की कोशिश की जाएगी।

केसर सिंह गंगवार ने की थी पैरवी
विकासखंड भदपुरा की ब्लाक प्रमुख रश्मि गंगवार के पति रवि गंगवार का कहना है कि सभापुर ग्राम के निकट पनघैली नदी पर पुल बनवाने की मांग पुरानी है। स्व. विधायक केसर सिंह गंगवार ने इस पुल के निर्माण में शासन-प्रशासन से काफी पैरवी की थी, लेकिन विधायक के निधन के कारण अभी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इसे दिखवाया जाएगा।

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