रामपुर : दढ़ियाल के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन सप्ताह से तेंदुए की दहशत
रामपुर/दढ़ियाल, अमृत विचार। नगर सहित क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में तीन सप्ताह से तेंदुए की दहशत है। तेंदुए की दहशत के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जहां जागकर राते काटने को मजबूर हैं तो वहीं वन विभाग तीन सप्ताह से हवा में तीर चला रहा है। गौरतलब है कि छह दिसंबर की …
रामपुर/दढ़ियाल, अमृत विचार। नगर सहित क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में तीन सप्ताह से तेंदुए की दहशत है। तेंदुए की दहशत के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जहां जागकर राते काटने को मजबूर हैं तो वहीं वन विभाग तीन सप्ताह से हवा में तीर चला रहा है।
गौरतलब है कि छह दिसंबर की रात को जटपुरा के जंगल में किसानों ने तेंदुए को देखा था जबकि 10 दिसंबर की रात को दढ़ियाल-मुरादाबाद मार्ग पर त्रिवेणी शुगर मिल और सरकथल के बीच में राहगीरों ने तेंदुए को मार्ग पार करते हुए देखा था। तेंदुए को देखकर राहगीरों की सांस अटक गई थी। 18 दिसंबर को महुआ खेड़ा के जंगल में किसानों ने तेंदुआ के पदचिन्ह देखे थे।
रविवार की सुबह महुआ खेड़ा के प्रधान तबस्सुम परवीन पति जलील अहमद के घर के बाहर तेंदुए के निशान देखे गए थे। वहीं रविवार की देर शाम क्षेत्र के गांव सीटला में मजार पर काम कर रहे राजमिस्त्री इमरान और मजदूर मोहम्मद यामीन ने तेंदुए को दो शावको संग देखा था। किसी तरह मजार में बंद होकर राज मिस्त्री मजदूर ने जान बचाई थी। वहीं रविवार की देर रात टांडा बाजपुर मार्ग पर त्रिवेणी शुगर मिल के पास रिक्शा चालक सुरेश कुमार ने तेंदुए को देखा था। तीन सप्ताह से लगातार क्षेत्र के गांवो में तेंदुए देखे जाने से दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण रातें जागकर काटने को मजबूर हैं तो वहीं दिन में अकेले में किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं।
स्कूल तक जाने से डर रहे बच्चे
नारायणपुर से सीकमपुर के बीच में लगभग पांच किलोमीटर के क्षेत्र में चार डिग्री कालेज व आधा दर्जन इंटर कालेज हैं। इस कारण छात्र-छात्राओं को तेंदुए का डर सता रहा है। अकेले वह स्कूल नहीं जा रहे हैं। तीन सप्ताह गुजरने के बाद भी वन विभाग ने अभी तक क्षेत्र में तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं की है। वहीं वन विभाग हवा में तीर चला रहा है। नगर सहित गांव जटपुरा, नारायणपुर, मुवाना, सरकथल, पीपली नायक, सिरका, रूपापुर, कुंडेश्वरा, कुंडेश्वरी, भावपुरा, लोदीपुर नायक, मिलक, सीटला, घोसीपुरा, कैथौला, धीमरखेड़ा आदि में दहशत का माहौल है।
वन विभाग ने अभी तक नहीं लगाया पिंजरा
पिछले 15 दिन से दढ़ियाल में तेंदुए की दस्तक ने ग्रामीणों को दहशत में लाकर रख दिया है। लगातार वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगवाने के लिए गुहार लगा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
