बरेली: प्रभु यीशु के आगमन की तैयारी में मसीह समाज, घर घर गूंजे कैरोल
बरेली, अमृत विचार। शनिवार को क्रिसमस का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इसको लेकर शहर के तमाम चर्चों में तैयारियां जोरों पर हैं। मेथोडिस्ट चर्च के सजावट की जा रही है। वहीं यीशु मसीह के जन्म की झांकी तैयार की जा रही है जिसमें चरनी दिखाई गई है, जहां प्रभु यीशु मसीह ने जन्म लिया। …
बरेली, अमृत विचार। शनिवार को क्रिसमस का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इसको लेकर शहर के तमाम चर्चों में तैयारियां जोरों पर हैं। मेथोडिस्ट चर्च के सजावट की जा रही है। वहीं यीशु मसीह के जन्म की झांकी तैयार की जा रही है जिसमें चरनी दिखाई गई है, जहां प्रभु यीशु मसीह ने जन्म लिया। इसके अलावा मसीह समाज के लोग अपने घरों पर भी प्रभु यीशु के आगमन की तैयारी करे में लगे हैं। समाज के लोग घर-घर जाकर क्रिसमस गीत कैरोल का गान कर रहे हैं। कैंट स्थित सेंट अल्फांसेज चर्च में भी लाइटिंग की गई।
मेथोडिस्ट चर्च के सीनियर पास्टर रेव्ह. सुनील के मसीह ने बताया कि 25 दिसंबर क्रिसमस के दिन बच्चों का बप्तिस्मा (नामकरण ) किया जाएगा और सुबह 10:30 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन होगा। लेक्चरार डा. डोनल्ड बिलाल ने बताया कि चर्च में क्रिसमस ट्री को रुई, गुब्बारों और तोहफों के साथ सजाया गया है। यह पेड़ प्रभु यीशु मसीह के जन्म लेने का चिह्न है। यह क्रिसमस का पेड़ प्रभू यीशु के वचन को याद दिलाता है।
उन्होनें बताया कि इस मौके पर सुबह विशेष प्रार्थनाएं होंगी। क्रिसमस से पहले ही लोगों ने घरों पर तरह-तरह के पकवान बनाना शुरू कर दिए हैं। दूसरी तरफ शहर की बेकरियों पर लोगों की खासा भीड़ रही। क्रिसमस पर केक का खासा महत्व माना जाता है। लिहाजा आर्डर पर केक बनवाने के लिए लोग शहर की अलग-अलग बेकरियों पर पहुंचे।
वहीं गुरुवार को साप्ताहिक बंदी होने के चलते भी क्रिसमस की खरीदारी पर असर पड़ा। क्रिसमस पर लोग सजावट के लिए झालर आदि भी लगाते हैं। लेकिन बाजार बंद होने के चलते खास तौर से इलेक्ट्रानिक झालरों की बिक्री प्रभावित रही।
