मुरादाबाद : चरनी में जन्मे प्रभु यीशु, मैरी क्रिसमस से गूंजा शहर
मुरादाबाद, अमृत विचार। शुक्रवार की सुबह से ही मसीह समाज में क्रिसमस का उल्लास देखने को मिला। सुबह से घर को सजाने व केक बनवाने का सिलसिला चला। चर्चों में चरनी की झांकी सजी। मुख्य चर्च मेथोडिस्ट व ओल्ड मेथोडिस्ट चर्च को सजाया गया। रात आठ बजे से चर्चों में प्रभु यीशु के जन्म से …
मुरादाबाद, अमृत विचार। शुक्रवार की सुबह से ही मसीह समाज में क्रिसमस का उल्लास देखने को मिला। सुबह से घर को सजाने व केक बनवाने का सिलसिला चला। चर्चों में चरनी की झांकी सजी। मुख्य चर्च मेथोडिस्ट व ओल्ड मेथोडिस्ट चर्च को सजाया गया। रात आठ बजे से चर्चों में प्रभु यीशु के जन्म से जुड़े कार्यक्रम शुरू हुए। कैंप फायर हुआ। सभी जगह कैरोल गीत गाए गए। चर्च में प्रार्थना सभा हुई। इसमें लोगों ने परिवार की सुख-शांति के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए प्रार्थना की। रात 12 बजे केक काट प्रभु यीशु का जन्मदिवस मनाया गया।

पीलीकोठी स्थित फिलिप्स मेमोरियल मेथोडिस्ट चर्च, ओल्ड मेथोडिस्ट चर्च चौमुखापुल, दांग चर्च, द साल्वेशन चर्च, सैंटपाल व एंथोनी चर्च में कार्यक्रम की धूम रही। युवाओं ने प्रभु यीशु के जन्म को लेकर बधाई गीत गाए। फिलीप मेमोरियल चर्च के फादर बृजेश मैंसल ने बताया कि इंसान को गुनाहों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रभु यीशु का जन्म रात 12 बजे चरनी में हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मैरी क्रिसमस बोलकर बधाई दी। उन्होंने सभी को बाइबिल पढ़कर सुनाया। बाइबिल की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को पर्व का बताया महत्व संवेदना द किड्स कॉटेज में क्रिसमस सेलिब्रेशन हुआ। बच्चों सांटा की वेश में दिखे। कार्यक्रम क्रिसमस कैरोल गीत से शुरू हुआ। निर्देशिका डॉ. मीनू मेहरोत्रा ने पर्व का महत्व बताया।
क्रिसमस पर शहर के गिरिजाघरों को विशेष रूप से सजाया गया। जहां झांकियां सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। सेंट एंथोनी चर्च में रात को यीशु मसीह के जन्म पर खुशियां मनातीं युवतियां।

सांता क्लॉज व मदर मैरी की वेश-भूषा में दिखे छात्र
लाइनपार स्थित राइजिंग चिल्ड्रेन अकादमी बचपन विंग में क्रिसमस मना। बच्चे सांता क्लॉज और मदर मैरी की वेश-भूषा में दिखे। बच्चों ने जिंगल बेल गाने पर नृत्य किया। स्कूल प्रबंधक अनुपेंद्र सिंह ने कहा कि क्रिसमस की पूर्व संध्या पर सांता अच्छे बच्चों के घर में उपहार देते हैं, लेकिन आधुनिक समय में बच्चों के सांता उनके दादा-दादी, नाना-नानी व माता-पिता हैं, क्योंकि वे ही उनकी हर जरूरत व इच्छाओं को अपने सामर्थ्य के अनुसार पूरा करते हैं। मौके पर प्रीत सिंह, दीपशिखा, राहुल, सिल्की, शिखा, लवी, रचना, सोनम, अवेतिका, अंशिका, पूजा, आकाश, प्राची, पायल, रिचा, ज्योति आदि रहे।

कैरोल गाकर ने बांधा समां
सिविल लाइन स्थित यूरो किड्स इंटरनेशनल प्ले स्कूल में प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मना। बच्चों ने प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम का आरंभ कैरोल गीत से हुआ। बच्चों ने आपस में उपहार बदलकर शेयरिंग इज केयरिंग का संदेश दिया। सेंटर हेड दीपांशी अग्रवाल ने बच्चों को क्रिसमस मनाने का कारण व क्रिसमस ट्री, तारा, घंटी, मोमबत्ती, रंगीन वॉल आदि का महत्व बताया।
प्याऊ के ऊपर बनी झांकी रही आकर्षण का केंद्र
मैथोडिस्ट स्कूल के गेट की छत के ऊपर बनी चरनी की झांकी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। यहां से गुजरने वालों की निगाहें चरनी पर टिकी रहीं। हर कोई इस सुंदर चरनी की तस्वीर अपने कैमरे में कैद करता रहा।
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बाजारों में उमड़ी भीड़
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बाजारों में रौनक रही। सजावट के सामान के साथ मोमबत्तियों की खूब बिक्री हुई। दूसरी तरफ लोग नये कपड़े भी खरीदते दिखे। ताड़िखाना स्थित दुकानदार अंकित का कहना है कि दिन निकलते ही खरीदारी के लिए लोगों का तांता लगा रहा। युवाओं ने सांता का चश्मा, मास्क, और सांता कैप, सांता क्लॉज, चरनी, बंदरबार, सांता स्टिकर, जिंगल बेल की खरीदारी की।
