मुरादाबाद : दवा के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक से छह लाख रुपये ठगे, दरोगा ने बिना जांच के ही खत्म कर दिया केस
मुरादाबाद, अमृत विचार। घुटनों में दर्द से पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक को सड़क किनारे तंबू लगाकर दवा बेचने वालों ने एक महीने में छह लाख रुपये का चूना लगा दिया। शिकायत पर सीओ ठाकुरद्वारा ने तीन लाख रुपये वापस करा दिए। दोबारा शिकायत पर सीओ ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़ित की बाकी रकम …
मुरादाबाद, अमृत विचार। घुटनों में दर्द से पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक को सड़क किनारे तंबू लगाकर दवा बेचने वालों ने एक महीने में छह लाख रुपये का चूना लगा दिया। शिकायत पर सीओ ठाकुरद्वारा ने तीन लाख रुपये वापस करा दिए। दोबारा शिकायत पर सीओ ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़ित की बाकी रकम नहीं मिल सकी। बाद में जांच करने वाले दरोगा ने ही केस खत्म कर दिया। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत एसएसपी से की है।
मूल रूप से बिजनौर जनपद के अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कासमपुर गढ़ी निवासी रामकुमार सिंह रिटायर्ड शिक्षक हैं। 75 वर्षीय रामकुमार सिंह कई वर्षों से घुटनों के दर्द से पीड़ित थे। वह ठाकुरद्वारा से काशीपुर दवाई लेने जा रहे थे। ठाकुरद्वारा चुंगी से आगे सड़क किनारे तंबू लगाकर दवा बेचने वालों के पास पहुंच गए। उन्होंने रामकुमार को दवा पिलाई और एक महीने में छह लाख 53 हजार छह सौ 30 रुपये ठग लिए। उन्होंने अपना नाम-पता भी फर्जी बताया। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ ठाकुरद्वारा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस पर आरोपी हरिवान पुत्र चुन्ना और बदलू पुत्र बुद्धा ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए गांव के ही नाजिर के माध्यम से फैसला कर लिया। आरोपियों ने नाजिर को चार लाख रुपये दिए। मगर उसने शिक्षक को तीन लाख रुपये देकर फैसला करा लिया। एक लाख रुपये नाजिर ने ही हड़प लिए।
पीड़ित के अनुसार दो अन्य आरोपी गजराम सिंह पुत्र करन सिंह निवासी ग्राम रोशनपुर तिगरी और प्रसोन पुत्र चुन्ना निवासी ग्राम मिलक लालूवाला भोजपुर थानाक्षेत्र के हैं। नाजिर हुसैन भी रोशनपुर तिगरी का निवासी है। आरोप है कि गजराम सिंह हरिवान व बदलू उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर मुरादाबाद तिराहे से रामपुर की ओर जंगल में ले गए। वहां तमंचे के बल पर उनसे 96 हजार रुपये लूट लिए। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने अपने तीन लाख 53 हजार छह सौ 30 रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई है। एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित ने ठाकुरद्वारा के दरोगा रविन्द्र पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने किसी अन्य क्षेत्राधिकारी से मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।
