रामपुर: जमीन रजा बुलंद मिल की, बेचने के नाम पर ठगे जा चुके करोड़ों रुपये
रामपुर, अमृत विचार। रामपुर विकास प्राधिकरण जहां मामूली बात पर आम लोगों की जमीन को नोटिस देकर सील कर देता है या फिर जेसीबी से ध्वस्त करा देता है, वहीं राहे रजा पर स्थित सरकारी जमीन पर पिछले एक सप्ताह से चल रहे निर्माण कार्य को किसी अफसर ने रोकने की जहमत नहीं उठाई है। …
रामपुर, अमृत विचार। रामपुर विकास प्राधिकरण जहां मामूली बात पर आम लोगों की जमीन को नोटिस देकर सील कर देता है या फिर जेसीबी से ध्वस्त करा देता है, वहीं राहे रजा पर स्थित सरकारी जमीन पर पिछले एक सप्ताह से चल रहे निर्माण कार्य को किसी अफसर ने रोकने की जहमत नहीं उठाई है। यह जमीन रजा बुलंद शुगर मिल की बताई जा रही है। इसे बेचने के नाम पर पहले भी करोड़ों रुपये ठगे जा चुके हैं। अफसर एक दूसरे अधिकारियों पर जांच की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। अपना पक्ष रखने से भी बच रहे हैं। वहीं यह वही जमीन है जिस पर मुरादाबाद में रह रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के वारिस अपना हक भी जता चुके हैं।
पिछले सप्ताह राहे रजा पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सटी और डीएम आवास और कलक्ट्रेट से चंद कदम की दूरी पर इस जमीन पर बेसमेंट बनाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में विष्णु विहार के रामरक्षपाल सिंह ने शिकायत की थी। शिकायत पर जांच की खानापूरी कर दी गई। यही नहीं अधिकारी एक दूसरे पर मामला डालते रहे। निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी है। जमीन को सरकारी बताया जा रहा है। इस जमीन पर रजा बुलंद शुगर मिल के जीएम का आवास बना था। नवाब रजा अली ने इस जमीन को मिल के लिए सौंपा था। बाद में रियासत के स्टेट में मर्ज होने के बाद जमीन भी स्टेट की हो गई।
सूत्रों के मुताबिक मिल के जीएम इसी कोठी में रहते थे। बाद में यहां की कुछ जमीन आवास विकास परिषद में चली गई। इस जमीन को जीएम के पुत्र ने इसे कुछ लोगों ने बेचने लिए रुपये भी लिए। कुछ लोगों ने इसी जमीन को बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये बयाने के रूप में हड़प लिए। इस बीच मुरादाबाद में रह रहे मौलाना मोहम्मद अली जौहर के वारिसों ने भी जमीन पर अपना हक जताया था। यह जमीन तब से विवादों में घिरी रही। अब इस पर निर्माण देखकर खलबली मची हुई है। नान जेएड ए की इस जमीन के फर्जी बैनामे भी किए जाने की शिकायत हो चुकी हैं।
रियासत के चीफ मिनिस्टर के परपोते से भी जमीन के नाम पर ठगे 30 लाख
रामपुर रियासत के समय चीफ मिनिस्टर बशीर हुसैन जैदी के परपोते मुर्तजा मियां भी इस जमीन से ठगी का शिकार हो चुके हैं। मुर्तजा मियां का कहना है कि हमने इस जमीन को खरीदने के लिए रजा बुलंद मिल के जीएम रहे चुके लुंबा साहब के बेटे से सौदा किया था। हमने तीस लाख रुपये दिए थे। लेकिन बाद में पता चला जमीन सरकारी है। लिहाजा हमारे दस लाख रुपये तो वापस किए गए बाकी रुपये हमें आज तक नहीं दिए गए हैं। हमारे पर सभी कागजात मौजूद हैं।
वर्ष 2001 में उनके साथ ऐसा हुआ। तब दिल्ली के पुलिस कमिश्नर जो हमारे रिश्तेदार थे ने दबाव बनाकर 10 रुपये वापस कराए। उन्हें इस प्रकरण की जानकारी है। उनका गोवा तबादला हो गया था। इसलिए उनके बेटे ने रुपये वापस नहीं किए। मेरी तरह कई लोगों के रुपये हड़पे गए हैं। जमीन पर निर्माण को लेकर वे पूरे कागजात के साथ प्रशासन से शिकायत करेंगे।
कई प्रापर्टी डीलरों के भी रुपये फंसे
शहर के सबसे महंगे इलाके में स्थित इस जमीन को खरीदने के नाम पर कई प्रापर्टी डीलरों को भी चूना लगाया गया। उनके भी रुपये कुछ लोग लेकर हड़प चुके हैं। अब मौजूदा समय में किस कानून के तहत निर्माण कराया जा रहा है। इसके पीछे एक भाजपा नेता भी है। कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने की ठानी है। एक जनवरी को यह लोग मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
जमीन पर निर्माण की शिकायत मिली थी। जिसे आवास विकास के अभियंता को भेजा गया था। जमीन किसकी है। तहसीलदार जांच कर रहे हैं। इसमें हमारे स्तर का कोई मामला नहीं है। अगर कोई कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बनेगी तो हस्तक्षेप करेंगे। – हेम सिंह, नगर मजिस्ट्रट
