रामपुर : प्रशासन ने खनन माफिया पर कसा शिकंजा, 12 डंपर सीज
रामपुर, अमृत विचार। एक तरफ प्रशासन के अधिकारी कोसी नदी में कहीं भी अवैध खनन नहीं होने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खनन माफिया रातभर धड़ल्ले से अवैध खनन कराने में डटे हैं। स्वार एसडीएम ने खनन के धंधेबाजों पर शिकंजा कसते हुए कोसी नदी से अवैध खनन भरकर ला रहे एक …
रामपुर, अमृत विचार। एक तरफ प्रशासन के अधिकारी कोसी नदी में कहीं भी अवैध खनन नहीं होने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खनन माफिया रातभर धड़ल्ले से अवैध खनन कराने में डटे हैं। स्वार एसडीएम ने खनन के धंधेबाजों पर शिकंजा कसते हुए कोसी नदी से अवैध खनन भरकर ला रहे एक दर्जन डंपरों को कब्जे में कर सीज करने की कार्रवाई की है।

इस बीच कुछ चालक हड़बड़ाहट में डंपरों से खनन का रेता सड़कों पर लौटकर फरार हो गए। वहीं कुछ डंपर चालकों ने प्रशासन की टीम पर हावी होने की भी कोशिश की। दरअसल स्वार तहसील क्षेत्र में स्टोन क्रशरों पर जिस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उसी की वजह से खनन माफिया हावी हो रहे हैं। सड़कों पर रातभर खनन के डंपरों का राज हो जाने से अन्य वाहनों को निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
स्वार तहसील क्षेत्र में कोसी नदी के घाटों से अवैध खनन का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार की सुबह एसडीएम सचिन राजपूत व पुलिस ने संयुक्त रुप से गांव खेमपुर के चौराहे पर अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए छापामार कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्र के गांव घोसीपुरा, पट्टीकलां, मुकंदपर, चौहद्दा, वेलवाड़ आदि कोसी नदी के घाटों से अवैध खनन भरकर ला रहे ओवरलोड वाहनों को रुकने का इशारा किया तो चालक वाहनों को जगह जगह खड़ा कर फरार हो गए।
प्रशासन ने एक दर्जन वाहनों को कब्जे में लिया है। प्रशासन की कार्रवाई की भनक जैसे ही खनन के धंधेबाजों को लगी तो उन्होंने चालको को सूचना दी। जिस पर चालक अवैध खनन को सड़कों पर उतार कर फरार हो गए। कुछ अपने वाहनों को वापस बाजपुर मार्ग की दौड़ाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। कार्रवाई के दौरान मार्गों पर अवैध खनन से भरे वाहनो मे अफरातफरी मची रही। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से धंधेबाजों में हड़कंप मचा है।
एसडीएम सचिन राजपूत ने बताया कि खनन से भरे एक दर्जन वाहनों को पकड़ा गया है। अभियोग पंजीकृत करा अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्टोन क्रशर मालिकों की मनमानी हावी है। इसी वजह से प्रशासन खनन को नहीं रोक पा रहा है। किसी भी स्टोन क्रशर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। खनन के धंधेबाजों को स्टोन क्रशर मालिक ही संरक्षण दे रहे हैं। खौद से लेकर स्वार रोड पर रातभर खनन के डंपरों की वजह से धंधेबाजों का राज रहता है। इन पर कार्रवाई यदाकदा ही की जा रही है।
स्टोन क्रशरों की ड्रोन कैमरे से हो निगरानी
कोसी नदी के किनारे नियम के विरुद्ध स्थापित किए गए स्टोन क्रशर मालिकों ने मनमानी कर रखी है। सीसीटीवी कहीं नहीं लगाए गए हैं। आसपास के गांवों के लोगों ने स्टोन क्रशरों से होने वाली दिक्कतों को लेकर शिकायत भी की, लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने स्टोन क्रशरों की निगरानी ड्रोन कैमरों से कराने की मांग की है। कहा है कि किस तरह से कोसी नदी किनारे यह गहरी खाई खोदकर कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं वह गलत है। गांव वालों का कहना है कि मंडल स्तर के जिस अधिकारी से यह साठगांठ किए हैं, उसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। इसीलिए स्थानीय प्रशासन भी ढिलाई बरत रहा है।
शिवपुरी में बीच सड़क पर खनन उतारकर भागे चालक
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से वाहन चालकों एवं खनन के धंधेबाजो में अफरातफरी मच गई। चालकों को जो भी मार्ग बचने के लिए दिखाई दिया वाहनों को दौड़ा दिया। पीछा करने पर वाहनों को बचाने के लिये चालक क्षेत्र के गांव शिवपुरी के निकट बीच मार्ग में अवैध खनन उतारकर वाहन लेकर फरार हो गये। जिसके चलते मार्ग अवरुद्ध हो गया। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिये अवैध खनन से भरा ओवरलोड ट्रक मार्ग अवरुद्ध होने के कारण भागने के चक्कर मे खेत में बुरी फंस गया। मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने क्रेन से निकलवाकर मानपुर तिराहे पर पुलिस पिकेट के निकट खड़ाकरा दिया।
बीस हजार में बेचकर भागे खनन का बालू
वाहनों से अवैध खनन लौटकर भागने पर खनन के धंधेबाज मौके पर पहुंच गए और बीच मार्ग पर पडे़ खनन को एक ग्रामीण को बीस हजार रुपये में बेचकर फरार हो गए। जिस पर खनन के दूसरे धंधेबाज ने ग्रामीण से खनन को मंहगा खरीदने को लेकर उकसा दिया। इसी बात को लेकर खनन के धंधेबाजों में नोकझोंक होने के साथ ही गाली गलौच शुरू हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस को देख धंधेबाज खिसक लिए।
खनन से भरे एक दर्जन वाहनों को पकड़ा गया है। अभियोग पंजीकृत करा अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। खनन रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। ग्रामीणों को होने वाली समस्या का भी ध्यान रखा जा रहा है। – सचिन राजपूत, एसडीएम, स्वार
