लखनऊ: रंग बिरंगे फूलों से फिर महकेगी राजभवन की बगिया
लखनऊ। राजधानी में नए साल पर एक बार फिर से राजभवन की बगिया रंगबिरंगे फूलों से महक उठेगी। वहीं, चार फरवरी को तीन दिवसीय वार्षिक प्रादेशिक पुष्प एवं शाकभाजी प्रदर्शनी लगेगी, जो छह फरवरी तक चलेगी। प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर उद्यान विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की ओर से तैयारियां भी शुरू …
लखनऊ। राजधानी में नए साल पर एक बार फिर से राजभवन की बगिया रंगबिरंगे फूलों से महक उठेगी। वहीं, चार फरवरी को तीन दिवसीय वार्षिक प्रादेशिक पुष्प एवं शाकभाजी प्रदर्शनी लगेगी, जो छह फरवरी तक चलेगी। प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर उद्यान विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की ओर से तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं और अभी से शहर में उपवन तैयार हो रहे हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले उपवन में सफेद व लालरंग के गुलाब के फूलों के साथ ही सजावटी पौधों को सवारने का काम हो रहा है।
इस बार 63 केटेगरी में प्रतियोगिता होगी। राजकीय उद्यान आलमबाग के अधीक्षक डॉ. जेआर वर्मा ने बताया कि, व्यक्तिगत वर्ग के साथ ही और सरकारी, अर्द्धसरकारी और पब्लिक पार्कों के बीच प्रतियोगिता होगी इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। अगले महीने आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक आरके तोमर ने बताया कि, निर्णायक मंडल का फैसला अंतिम फैसला होगा।
प्रदर्शनी में नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण, कारागार के अलावा आवास विकास परिषद के साथ ही हर साल बागवान, पान किसान और मधुमक्खी पालक भी पुष्प प्रदर्शनी में शामिल होंगे। जनवरी में आवेदन की तिथियां घोषित होंगी, जो भी चाहे प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है।
मौसमी फूलों की बिखरेगी छटा…
प्रदर्शनी में लाल, सफेद और पीले रंग के गुलाबों के साथ ही मौसमी फूलों की छटा बिखरेगी। सर्दी के मौसम में लगाए जाने वाले फूल लीलीयम, कैंडीटफ, ग्लैडिओलस, बिगोनिया, हॉली हॉक, एंटरहिनम, डेजी, आर्कटोटिस, एस्टर, कॉसमॉस, डहेलिया, कार्नेशन, जिप्सोफिया, पिटुनिया, गेंदा, रजनीगंधा, सालविया, पैंजी व सिनरेरिया फूलों की प्रदर्शनी लगेगी।
इनको सवारा जा रहा…देखें
परिवर्तन चौक के पास सिब्तैनाबाद का गार्डन संवारा जा रहा है तो बड़े और छोटे इमामबाड़े के अंदर बने उपवन को नया रंग दिया जा रहा है। नगर निगम की ओर से भी महानगर और इंदिरानगर स्थित पार्कों को कंपटीशन के लिए तैयार किया जा रहा है। हर वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान दिया जाएगा।
कौन कर सकते हैं प्रतिभाग..जानें
प्रतियोगिता के लिए गाइडलाइन निर्धारित कर दी गई है। व्यक्तिगत प्रतियोगिता में 100 वर्ग मीटर से लेकर एक हजार वर्ग मीटर के उद्यान बनाने वाले भाग ले सकते हैं। 100 से 500 मीटर तक की गृह वाटिका बनाने वाले भी इसमे हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे 17 वर्गों में आम शौकीन हिस्सा ले सकते हैं। गृह वाटिका के लिए पंजीयन शुल्क 50 रुपये और उद्यान के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है। 12 फरवरी तक पंजीयन कराया जा सकता है। वहीं, राजकीय संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक पार्कों की अलग श्रेणी रखी गई है। राजकीय उद्यान के लिए 100 से दो हजार वर्गमीटर की कैटेगरी होगी। कार्यालय, पूजा स्थल, चिकित्सालय उद्यान, औषधीय उद्यान, राजकीय अतिथि गृह उद्यान समेत कई 42 वर्गों में पंजीयन कराया जा सकता है।
केले के तने से बनेगा मंडप…
केले के तने और फूलों से शादी का मंडप भी तैयार किया जाएगा। राजभवन में इसका प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही फूलों से राष्ट्रीय पक्षी मोर और तिरंगा भी नजर आएगा। इसके लिए पारंपरिक मालियों को आमंत्रित किया गया है। पीएसी का बैंड जहां देशभक्ति की धुन सुनाएगा तो पुराने गीतों की लडिय़ां दर्शकों को गुनगुनाने को मजबूर करेंगी।
कैसे करें बागबानी…
- अगर गमले में पौधा लगाना है तो गमले के बॉटम में जहां पानी निकलने की जगह बनी होती है वहां पॉट के टूटे हुए टुकड़े या छोटे पत्थर जरूर रखें जिससे पानी के साथ मिट्टी का पोषण बाहर न निकले।
- मिट्टी और खाद को ठीक से मिलाएं और फिर इस मिश्रण को गमले में भरें। इसके बाद मनचाहा पौधा लगाएं।
- गमले का एक तिहाई हिस्सा खाली रहना चाहिए ताकि पानी डालने पर इसमें ऊपर से मिट्टी और खाद बहकर न निकले।
- जब भी कोई भी बीज रोपें, इसके इसके आकार की दोगुना मोटी मिट्टी के नीचे तक ही भीतर डालें। ऐसा न करने पर इसका अंकुर फूटने में लंबा वक्त लगेगा।
- फूल-पौधों के साथ वक्त गुजारना और बागवानी अपने आप में ही एक अच्छा व्यायाम है।
- पौधे व फूल मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन है।
- फूलों और हरियाली के बीच रहने से नींद न आने की समस्या भी दूर हो जाती है।
