संभल : ‘स्कूल-कॉलेजों में सुनाई जाए गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की गाथा’

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

संभल, अमृत विचार। मोहल्ला कोट पूर्वी की श्याम विहार कॉलोनी में मंगलवार को सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों की याद में बाल बलिदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने गुरु और उनके बच्चों के जीवन पर प्रकाश डाला और विचार व्यक्त किए। हिंदू जागृति मंच के कार्यकर्ता अध्यक्ष अरुण …

संभल, अमृत विचार। मोहल्ला कोट पूर्वी की श्याम विहार कॉलोनी में मंगलवार को सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों की याद में बाल बलिदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने गुरु और उनके बच्चों के जीवन पर प्रकाश डाला और विचार व्यक्त किए।

हिंदू जागृति मंच के कार्यकर्ता अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में श्याम विहार कॉलोनी में एकत्रित हुए। कार्यक्रम में अध्यक्ष और अजय कुमार शर्मा ने गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्रों का स्मरण किया। उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। उपाध्यक्ष विष्णु कुमार ने बाल बलिदान दिवस के उपल्य पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती को बाल दिवस नहीं बाल बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह महाराज के इस्लाम धर्म कबूल नहीं करने पर मुगल शासक औरंगजेब ने उनके दो पुत्रों जोरावर सिंह और फतेह सिंह को 1705 में दीवार में चिनवा दिया था, इसीलिए प्रतिवर्ष 28 दिसंबर को आधिकारिक रूप से बाल बलिदान दिवस मनाया जाना चाहिए। सुभाष चंद्र मोंगिया ने केंद्र सरकार से 28 दिसंबर को बाल बलिदान दिवस के रूप में घोषित करने मांग की। कहा कि विद्यालयों और कॉलेजों में गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के बलिदान की गाथा सुनाई जानी चाहिए।

छात्रों को अपने धर्म -समाज और राष्ट्र के लिए सब कुछ न्योछावर करने की प्रेरणा देनी चाहिए। अरविंद शंकर शुक्ला ने गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्रों को शेर ए दिल बालक कहा। श्याम शरण शर्मा ने गुरु गोविंद सिंह के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। सुभाष चंद्र शर्मा एवं अतुल कुमार शर्मा ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से राष्ट्रधर्म के लिए जीने और मरने वाले गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों को श्रद्धांजलि दी।

कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम गाकर देश, धर्म और समाज के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन नवनीत कुमार और संचालन शलभ रस्तोगी ने किया। इस दौरान नवनीत कुमार, विकास कुमार वर्मा, सुबोध कुमार गुप्ता, विष्णु कुमार, सुभाष चंद्र मोंगिया, अजय गुप्ता सर्राफ, श्याम शरण शर्मा, वैभव कुमार गुप्ता, कमल वीर त्यागी आदि मौजूद रहे।

संबंधित समाचार