कोरोना के बढ़ते मामलों ने फिर से थामी दिल्ली की रफ्तार, Yellow Alert जारी, स्कूल, कॉलेज बंद

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नई दिल्ली। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि के बाद राष्ट्रीय राजधानी में येलो अलर्ट घोषित किया है, जिसके चलते विद्यालय, महाविद्यालय और प्रशिक्षण तथा कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। एक ओर जहां इस घटनाक्रम पर अभिभावकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है, तो दूसरी ओर …

नई दिल्ली। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि के बाद राष्ट्रीय राजधानी में येलो अलर्ट घोषित किया है, जिसके चलते विद्यालय, महाविद्यालय और प्रशिक्षण तथा कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। एक ओर जहां इस घटनाक्रम पर अभिभावकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है, तो दूसरी ओर विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा शिक्षा विशेषज्ञों सहित अन्य हितधारकों ने पढ़ाई के अंतराल में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जतायी है।

दिल्ली में एक दिन में कोरोना मामलों में सबसे बड़ी वृद्धि होने के बाद श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को छह महीने के बाद एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 331 मामले सामने आए और संक्रमण की दर 0.67 प्रतिशत तक पहुंच गई। डीडीएमए ने दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए जुलाई में जीआरएपी को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत पाबंदियां लगाने और हटाने के बारे में स्पष्ट तस्वीर पेश की गई है।

येलो अलर्ट के तहत विद्यालय, महाविद्यालय, प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ पुस्तकालयों को भी बंद किया जाना है। दिल्ली में प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंचने के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया था, जिसके बाद 18 दिसंबर से छठी कक्षा से ऊपर के छात्रों के लिये स्कूल फिर खुले थे। सरकार ने उस समय घोषणा की थी कि पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिये भौतिक रूप से कक्षाएं 27 दिसंबर से शुरू की जा सकती हैं।

दिल्ली अभिभावक संघ (डीपीए) की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने कहा कि विद्यालयों को बार-बार खोलने तथा बंद करने से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर “बुरा” प्रभाव पड़ा है। गौतम ने कहा, ”हम सभी ने इस साल सरकार की योजना और क्रियान्वयन संबंधी विफलता देखी है। विद्यालय बार-बार खुलने तथा बंद होने से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर निश्चित रूप से खराब प्रभाव पड़ा है।” अखिल भारतीय अभिभावक संघ (एआईपीए) के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि स्कूलों को ”बिना किसी औचित्य या वैज्ञानिक आधार के” बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ”सावधानी बरतने की बात तो समझी जा सकती है लेकिन स्कूल-कॉलेज बंद करना कोई समाधान नहीं है। पड़ोसी राज्यों में स्कूल खुले हैं, तो दिल्ली में स्कूलों को बंद करने में क्या खास है।”

अधिवक्ता और पहली कक्षा की छात्रा की मां तान्या ने ट्वीट किया, ‘ बिल्कुल स्पष्ट है कि दिल्ली सरकार बच्चों और कोविड की कतई परवाह नहीं करती। क्योंकि उसने एक बार फिर बार और रेस्तरां खोले रखने का निर्णय लिया है लेकिन स्कूल बंद कर दिये हैं। तान्या लंबे समय तक स्कूल बंद रहने से पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर मुखर रही हैं।

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