बिजनौर: एआईएमआईएम उम्मीदवार का आवेदन निरस्त, नहीं लड़ सकेंगी चुनाव
नगीना। विधानसभा सुरक्षित सीट से एआईएमआईएम के संभावित उम्मीदवार सायमा कुरैशी उर्फ ललिता कुमारी का अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र बनवाने का आवेदन निरस्त कर दिया है। अब वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। जिससे उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है। स्थानीय मोहल्ला कायस्थ सराय निवासी इफ्तखार कुरैशी ने कई साल पहले दलित युवती ललिता …
नगीना। विधानसभा सुरक्षित सीट से एआईएमआईएम के संभावित उम्मीदवार सायमा कुरैशी उर्फ ललिता कुमारी का अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र बनवाने का आवेदन निरस्त कर दिया है। अब वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। जिससे उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है।
स्थानीय मोहल्ला कायस्थ सराय निवासी इफ्तखार कुरैशी ने कई साल पहले दलित युवती ललिता कुमारी का नाम सायमा रख इस्लामिक रीति-रिवाज से निकाह किया था। ललिता कुमारी दलित होने के कारण इफ्तखार कुरैशी ने विधानसभा चुनाव में अपनी पत्नी सायमा कुरैशी उर्फ ललित कुमारी को चुनाव लड़ाने का मन बना लिया। इफ्तकार ने नगीना सुरक्षित सीट से कांग्रेस से टिकट मांगा और नगीना विधानसभा क्षेत्र में बड़े-बड़े फ्लैक्स बोर्ड लगवाएं, लेकिन कांग्रेस से टिकट नहीं मिलते देख उन्होंने कांग्रेस को छोड़ एआईएमआईएम की जदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी से मुलाक़ात कर टिकट की मांग की।
ओवैसी द्वारा हरी झंडी दिए जाने पर सायमा के साथ असदुद्दीन ओवैसी के बड़े-बड़े फ्लैक्स बोर्ड नगर और ग्रामीण क्षेत्र में लगाकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया गया। सायमा का दलित चमार जाति से होने के कारण, इफ्तखार इसका फायदा उठाना चाहते थे। उन्होंने ललिता कुमारी उर्फ सायमा का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगीना तहसील में ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन, लेखपाल विजेंद्र कुमार ने ललिता कुमारी उर्फ सायमा के आवेदन को शासनादेश के आधार पर निरस्त कर अपनी रिपोर्ट आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी।
सायमा का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से अब उनका चुनाव लड़ने का सपना चकनाचूर हो गया है। उधर, विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र चमार का कहना है कि शासन और न्यायालय के स्पष्ट आदेश हैं कि कोई भी दलित इस्लाम या इसाई धर्म अपना लेता है तो उसको किसी भी क्षेत्र में विशेषकर चुनाव में एससी आरक्षण का लाभ नहीं दिया जायेगा।
जिसके शासनादेश उनके पास सुरक्षित हैं। उनका कहना है कि खुशबू जहां उर्फ नीलम निवासी अब्दुलपुर जहांगीर ब्लॉक नजीबाबाद जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर 4 से निर्वाचित हुई हैं एवं गुलशन जहां उर्फ बबली पत्नी मोहम्मद अकरम निवासी रहमतुल्लाह कॉलोनी कोतवाली देहात जो वर्तमान में विकासखंड कोतवाली के वार्ड नंबर 7 से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीती हैं उनके जाति प्रमाण पत्र निरस्त कराने को लेकर जिलाधिकारी के यहां शिकायत लंबित है।
भूपेंदर ने बताया कि खुशबू और नीलम का स्त्री का जाति प्रमाण पत्र 2009 में बना था जिसे निरस्त करा दिया गया था। लेकिन 2016 में तहसीलदार व लेखपाल की मिली भगत से फिर से बनवा लिया था। जिसके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
