रायबरेली: दो दिन में हुई 10 एमएम बारिश से आलू के किसान परेशान

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Edited By Amrit Vichar
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रायबरेली। उत्तर की हवा के साथ पश्चिमी विक्षोभ बनने से लगातार दूसरे कड़ाके की ठौड के साथ बारिश हुई। इस कारण हर तरफ शीतलहर का असर दिखा। सड़क पर अलाव की व्यवस्था न होने से गरीब तबके के लोगों के लिए सर्दी सितम सरीखी हो गई है। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। …

रायबरेली। उत्तर की हवा के साथ पश्चिमी विक्षोभ बनने से लगातार दूसरे कड़ाके की ठौड के साथ बारिश हुई। इस कारण हर तरफ शीतलहर का असर दिखा। सड़क पर अलाव की व्यवस्था न होने से गरीब तबके के लोगों के लिए सर्दी सितम सरीखी हो गई है। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

पिछले 48 घंटे से पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। सुबह घना कोहरा पड़ा तो साथ ही बदली रही। इसके बाद पूरे दिन धूप नहीं निकली वहीं दोपहर में रिमझिम बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान नीचे लुढ़क गया। गलन होने से लोगों को घर, दुकान और आफिस में हीटर और ब्लोअर की गर्मी का सहारा लेना पड़ा।

बताते हैं कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से आने वाली बर्फीली हवा  मैदानी भागों में आने लगी है। इस कारण सुबह कोहरा पड़ रहा है और रात में तापमान नीचे गिर रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ से बारिश हो रही है। दो दिन में 10 एमएम बारिश हो चुकी है।

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कोहरा के कारण दृश्यता 15 मीटर रही। अधिकतम तापमान 16 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रहा। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि उत्तर की हवा से सर्दी तेज होगी। वहीं पश्चिमी विक्षोभ से बारिश होगी। तीन दिन तक मौसम के ऐसे ही रहने की संभावना है।

कोहरा और बारिस से गेहूं की फसल को लाभ है। वहीं सरसों की फसल को भी कोई नुकसान नहीं है। हालांकि जिन खेतोऔ में पानी भरा है वह किसान पानी निकाल दें। साथ ही राख का छिड़काव कर दें। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि अभी कोहरा जिस तरह से पड़ रहा है उससे फसल को लाभ है। बताया कि यदि बारिश हुई तो भी गेहूं की फसल को नुकसान नहीं है।

वहीं बारिश से भी नुकसान नहीं है। आलू की फसल में नमी अधिक होने से कंद रोग लग सकता है। आलू के किसान इस कारण परेशान हैं। बारिश के बाद पाला पड़ने की भी संभावना है जिससे झुलसा रोग फसल को हो सकता है।

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