पैक्सफेड के 77 लाख के घोटाले में पीलीभीत का निजी एकाउंटेट गिरफ्तार

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लखीमपुर-खीरी, अमृतविचार। पैक्सफेड के नाम से फर्जी खाता खोलकर किए गए 77.94957 लाख रुपये के घोटाला मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने प्रकाश में आए मुख्य आरोपी के पीलीभीत निवासी निजी एकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल …

लखीमपुर-खीरी, अमृतविचार। पैक्सफेड के नाम से फर्जी खाता खोलकर किए गए 77.94957 लाख रुपये के घोटाला मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने प्रकाश में आए मुख्य आरोपी के पीलीभीत निवासी निजी एकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया है।

प्रभारी निरीक्षक सदर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि चार अप्रैल 2020 को जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार ने डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें केके गंगवार, परियोजना अभियन्ता, सहकारी विधायन एवं शीतगृह संघ लिमिटेड ( पैक्सफेड) लखीमपुर निवासी डी 3, कुर्माचल नगर, पीलीभीत रोड़ बरेलीपर क्रिटिकल गैप्स योजनान्तर्गत सोची समझी रणनीति के तहत एवं कूटरचित करते हुए अपने विभागीय पैक्सफेड के नाम से फर्जी एकाउन्ट खुलवाकर 77.94957 लाख की धनराशि अंतिरित कराये जाने का आरोप लगाया था।

दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया था कि क्रिटिकल गैप्स योजनान्तर्गत कार्यदायी संस्था उप्र सहकारी विधायन एवं शीतग्रह संघ लिमिटेड ( पैक्सफेड ), लखीमपुर के परियोजना अभियन्ता केके गंगवार ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 06 परियोजनाओं हेतु स्वीकृत धनराशि 49.66600 लाख, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 06 परियोजनाओं की स्वीकृत धनराशि 28.28357 लाख की धनराशि के स्वीकृत प्राप्त होने की सूचना पैक्सफेड मुख्यालय को नहीं दी थी, जिसकी पुष्टि अपर प्रबन्ध निदेशक 29.02.2020 को डीएम को प्रेषित पत्र में की थी।

परियोजना अभियन्ता केके गंगवार वित्तीय वर्ष 2017-18 में 06 परियोजनाओं हेतु स्वीकृत धनराशि 49.66600 लाख एवं वित्तीय 2018-19 में 06 परियोजनाओं हेतु स्वीकृत धनराशि 28.28357 लाख की अपने विभागीय पैक्सफेड के नाम से फर्जी एकाउन्ट खुलवाते हुए अंतरित करा ली। यह धनराशि बार्डर एरिया डेवलपमेन्ट कार्यक्रम से वित्तीय वर्ष 2018-19 में 27.62 लाख रुपये जिले स्तर से खाता संख्या 1317104000015756 में अन्तरित की गयी थी।

इसी प्रकार क्रिटिकल गैप्स योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में स्वीकृत 06 कार्यों की धनराशि 49.66600 लाख एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में स्वीकृत 06 कार्यों की धनराशि 28.28357 लाख रुपये भी इसी खाता संख्या 1317104000015756 में अन्तरित की गई। इस खाता संख्या के फर्जी होने की पुष्टि अपर प्रबन्ध निदेशक, पैक्सफेडने 17 जनवरी 2020 को डीएम को भेजी गए पत्र में भी की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।

प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने उस मामले में वंछित चल रहे पीलीभीत जिले के थाना सुनगढ़ी के गांव पकरिया निवासी ज्ञानेंद्र गुप्ता पुत्र अरविंद कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

केके गंगवार का निजी एकाउंटेंट था ज्ञानेंद्र, पत्नी और बेटा भी शामिल
पैक्सफेड घोटाले में पुलिस ने जब विवेचना शुरू की तो घोटाले की परत दर परत खुलती चली गई। मामले के विवेचक देवेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि परियोजना अभियन्ता केके गंगवार की पत्नी पूनम गंगवार और उसका पुत्र सोमिल गंगवार भी शामिल है। घोटाले में आरोपी केके गंगवार के बतौर निजी एकाउंटेंट ज्ञानेंद्र गुप्ता के भी शामिल होने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपी बेटे सोमिल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी केके गंगवार और उसकी पत्नी पूनम फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।

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