बरेली: निजी स्कूलों की प्रताड़ना के शिकार नही होंगे शिक्षक
बरेली, अमृत विचार। बगैर सूचना के निजी स्कूलों से शिक्षकों को निकाले जाने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने ठोस कदम उठाया है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने शिक्षकों को निजी स्कूलों से निकाले जाने पर स्कूलों से स्पष्टीकरण मांग की आवश्यक कार्यवाही का आदेश जारी किया। शासन ने बीएसए को पत्र जारी …
बरेली, अमृत विचार। बगैर सूचना के निजी स्कूलों से शिक्षकों को निकाले जाने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने ठोस कदम उठाया है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने शिक्षकों को निजी स्कूलों से निकाले जाने पर स्कूलों से स्पष्टीकरण मांग की आवश्यक कार्यवाही का आदेश जारी किया। शासन ने बीएसए को पत्र जारी कर सभी निजी स्कूलों में तैनात शिक्षक व कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है।
स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों व क्लर्क, चपरासी सहित अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति के बारे में स्कूल प्रबंधन को ब्योरा तैयार कर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सूचित करना जरूरी कर दिया गया है। इस कवायद के पीछे शासन की मंशा है कि निजी स्कूलों में शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों को स्कूल से निकाल देने के मामलों को नियंत्रित किया जा सके। निजी स्कूलों को विद्यालय के नाम के साथ ही जिला व विकास खंड का नाम विभाग को देना होगा।
इसके अलावा यू-डायस नंबर, विद्यालय का प्रकार, स्कूल की मान्यता तिथि, स्कूल में कार्यरत कर्मचारी, उनकी जन्म तिथि, पदनाम, शैक्षिक योग्यता, विद्यालय में नियुक्ति की तिथि वेतन आदि का ब्योरा स्कूल प्रबंधन को उपलब्ध कराना है। स्कूल प्रबंधन द्वारा वर्तमान में मान्यता प्राप्त स्कूलों में तैनात शिक्षकों व कर्मचारियों की संख्या का ब्योरा यूडायस प्रपत्र भरकर या ऑनलाइन माध्यम से अपलोड कराना होगा।
शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा ने मान्यता प्राप्त निजी स्कूल, उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों व कर्मचारियों की सूची विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि निजी स्कूल से किसी शिक्षक या अन्य किसी भी कर्मचारी को निकालने के लिए अनुमति लेना जरूरी है। शिक्षकों को प्रताड़ित करने के मामलों पर रोक लगाने के लिए शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को संबंधित आदेश भेज कर अवगत करा दिया गया है।
