Welcome 2022 : तरक्की की राह पर दौड़ेगा मुरादाबाद, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
मुरादाबाद,अमृत विचार। वर्ष 2022 की सुधि पाठकों को बहुत शुभकामनाएं। दबे कदमों से 2021 अलविदा कह चुका है। नए साल 2021 का आगमन हो चुका है। बीते हुए साल के अनुभव कुछ खास नहीं रहे। कड़वे अनुभवों का घूंट पी चुके महानगरवासियों को इस नए साल से तमाम उम्मीदें जुड़ी हैं। ये उम्मीदें हैं महानगर …
मुरादाबाद,अमृत विचार। वर्ष 2022 की सुधि पाठकों को बहुत शुभकामनाएं। दबे कदमों से 2021 अलविदा कह चुका है। नए साल 2021 का आगमन हो चुका है। बीते हुए साल के अनुभव कुछ खास नहीं रहे। कड़वे अनुभवों का घूंट पी चुके महानगरवासियों को इस नए साल से तमाम उम्मीदें जुड़ी हैं। ये उम्मीदें हैं महानगर को तरक्की के पथ पर दौड़ते हुए देखने की। यहां के लोगों को उम्मीद है कि इस वर्ष उन्हें पथ प्रकाश, पेयजल और कूड़ा निस्तारण जैसी समस्याओं से निजात मिल जाएगी।
इस वर्ष स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के तहत 19 प्रोजेक्ट्स को धरातल पर लाने की तैयारी है, जिनमें लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही महानगर को हाईटेक करने से संबंधित प्रोजक्ट भी शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स में लगभग 807.17 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। महानगर को 2018 में पहली बार स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया था। इसके बाद यहां के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरू की गईं। स्मार्ट सिटी व अमृत योजना के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने बजट भी जारी किया था। सबसे पहले पथ प्रकाश, उखड़ी सड़कें, पेजयल और कूड़ा निस्तारण के लिए प्लान बने। लेकिन, अधिकतर प्रोजेक्ट 2020 में आए कोरोना संकट की भेंट चढ़ गए।
2021 में भी कोरोना का साया दहशत फैलाता रहा। यह ही वजह रही कि न तो उखड़ी सड़कों से राहत मिल सकी, न ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सकी। पथ प्रकाश और पेयजल व्यवस्था भी साल भर ध्वस्त रही। हालांकि बीच-बीच में कोरोना से कुछ राहत मिलने पर महानगर को हाईटेक करने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की कोशिश की गई। लेकिन, साल के अंत तक यह नाकाफी साबित हुई। अब नए साल में लोगों को इनके पूरा होने की आस जागी है।
807.17 करोड़ की लागत से पूरे होंगे 19 प्रोजेक्ट
कोरोना के कारण पिछले दो सालों की नाकामी के बाद वर्ष 2022 से महानगर वासियों के अलावा नगर निगम के अधिकारियों को भी काफी उम्मीदें हैं। अधिकारियों की मानें तो अगर सब कुछ सही रहा तो इस वर्ष करीब 19 प्रोजेक्ट धरातल पर आ जाएंगे। जिसमें स्कूलों को हाईटेक करने, इलेक्ट्रानिक बसों के संचालन, पोर्टल पर निगम का पूरा ब्यौरा समेत कई प्रोजेक्ट तो अप्रैल तक पूरे होने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण के लिए डोर टू डोर व्यवस्था, सेंसर व सोलर लाइट, खाद बनाने के प्रोजेक्ट को भी समय से पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इन प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 807.17 करोड़ की लागत आएगी।
वाई-फाई के साथ 20 स्थानों पर लगेगी सोलर लाइट
स्मार्ट सिटी के वासियों को वाई-फाई की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। पहले चरण में 20 स्थानों पर इस सुविधा को देने की तैयारी कर ली गई है। वर्ष 2020 में एक बार इसका ट्रायल भी किया गया था। लेकिन, तकनीकी कमी के कारण फिलहाल इसे रोक दिया गया है। 20 स्थानों पर सोलर लाइट लगवाने की भी योजना है। विभिन्न स्थानों पर इन लाइटों को लगवाया जाएगा। इसके लिए 7.04 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है।
50 करोड रुपये से अंडरग्राउंड होगी पानी निकासी की व्यवस्था
महानगर में होने वाला जलभराव महानगर की बड़ी समस्या में एक है। हल्की बारिश में यहां की पॉश कॉलोनियों से लेकर अंदरूनी कॉलोनियों तक में होने वाले भीषण जलभराव से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। बारिश के बाद उफनाया पानी सड़कों से लेकर घरों तक में भर जाता है। यह समस्या इंपीरियल तिराहा और प्रभात मार्केट के पास सबसे अधिक होती है। लिहाजा इस समस्या से निजात दिलाने के साथ ही इंपीरियल तिराहा से टाउनहाल, गंज और गुरहट्टी के अलावा रोड का चौड़ीकरण कर अंडर ग्राउंड पानी निकासी की व्यवस्था करने की तैयारी है। इस प्रोजेक्ट के लिए भी करीब 50 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो चुका है।
55 करोड़ रुपये से सुधरेगी पेयजल व्यवस्था, बदलेंगी जर्जर पाइप लाइन
महानगरवासियों की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर है। तमाम प्रयासों के बाद भी महानगर के तमाम मोहल्लों में शुद्ध व साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। जर्जर पाइप लाइन और खराब नलकूप सबसे बड़ी समस्या हैं। वहीं सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और गैस की पाइपलाइन डालने के कारण हो रही खोदाई में आए दिन पाइप लाइन टूट जाती है। इस कारण घरों में गंदे पानी की सप्लाई होने लगती है। औसतन इस संबंध में 12 से 15 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। वर्ष 2022 में पेयजल व्यवस्था में सुधार होने की पूरी उम्मीद हैं। छह नए नलकूपों की खोदाई कराने के साथ ही सभी जर्जर पाइप लाइनों को बदला जाएगा। इसके अलावा इस वर्ष स्मार्ट वाटर मीटरिंग सुविधा भी शुरू की जाएगी। इसके लिए 55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया जा चुका है।
जिले के 60 अनाथ बच्चों को मिलेंगे लैपटॉप
अनाथ बच्चों को देने लिए लैपटॉप की खरीद शुरू हो गई है। शासन से प्रति लेपटॉप की कीमत 40 हजार रुपये निर्धारित की गई है। साथ ही जैम पोर्टल के माध्यम से ही इन्हें खरीदने के निर्देश दिए गए है। नए साल पर 60 बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए लैपटॉप दिए जाएंगे। कोरोना काल में मां-बाप को खोने वाले बच्चों की पढ़ाई व लड़कियों के विवाह के लिए शासन ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की थी। जनपद में ऐसे 236 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इनमें 18 बच्चे ऐसे हैं, जिनके सिर से मां और पिता दोनों का साया हट चुका है। विभाग द्वारा इन बच्चों के खातों में प्रतिमाह 4000 रुपये के हिसाब से सहायता राशि भेजी गई। नवंबर महीने में शासन से बजट मिलने ने बाद दूसरी किस्त भी भेजी जा रही है। लैपटॉप के लिए 60 बच्चों का चयन किया गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के दूसरे चरण में लैपटॉप से लाभांवित किया जाएगा। इसके लिए जनपद को 24 लाख रुपये का बजट भी जारी किया जा चुका है।
चलेंगी इलेक्ट्रिक बसों, वायु प्रदूषण से मिलेगी राहत
महानगर के वायुमंडल को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए इस वर्ष इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। कोरोना काल के कारण लटके इस प्रोजेक्ट को जुलाई में शासन ने मंजूरी दे दी थी। महानगर के अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 14 महानगरों में बसों के संचालन को अनुमति दी थी। इसके तहत 25 बसें महानगर में चलेंगी। दिल्ली और कांठ रोड के अलावा आठ रूटों पर इनका संचालन किया जाएगा। दो रूट भी तय कर लिए गए हैं, जबकि अन्य रूटों का संचालन शासन स्तर से आने वाली टीम के बाद तय किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए पांच करोड़ रुपये की लागत से गागन वाली मैनाठेर में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करा दिया गया है। हर रूट पर पांच किलोमीटर की दूरी पर सोलर चार्जिंग स्टेशन बनवाने की योजना है। जमीन के चिह्नीकरण के बाद इसके लिए बजट स्वीकृत किया जाएगा।
ये प्रमुख प्रोजेक्ट आएंगे धरातल पर
सोलर रूफ टॉप गर्वमेंट स्कूल : स्मार्ट सिटी के तहत शुरू किए इस प्रोजेक्ट के तहत परिषदीय विद्यालयों को हाईटेक करने की योजना है। इसके तहत करीब 56 स्कूलों का चयन किया जाना है, जिसमें से 36 स्कूलों का चयन हो गया है। हर स्कूल में डिजिटल क्लास शुरू की जाएगी ताकि यहां पर पढ़ने वाले बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की तरह कंप्यूटर अन्य हाईटेक तरीके से शिक्षा हासिल कर सके। इसके लिए चयनित स्कूलों में तैनात शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। बिजली किल्लत दूर करने के लिए सोलर लाइट लगवाने के साथ ही स्कूलों की ओर आने वाली सड़कों की भी मरम्मत कराई जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है।
पोर्टल पर होगा पीतलनगरी का ब्योरा, 72.55 करोड़ स्वीकृत
इस वर्ष नगर निगम अधिकारियों ने महानगर का पूरा ब्यौरा पोर्टल में दर्ज करने की तैयारी कर ली है। पोर्टल और कंट्रोल रूम के लिए करीब 72.55 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार पोर्टल में आवासीय-व्यवसायिक मकान, उनके अंदर बने कमरे, प्रतिष्ठान, पार्क और सड़कों के अलावा महानगर के विकास के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं की पूरी जानकारी पोर्टल में मिलेगी। बाहर से आने वाले यात्री पोर्टल के जरिए महानगर का नक्शा खोलकर आसानी से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। इसके अलावा कौन से क्षेत्र प्रतिबंधित हैं, कहां पर विज्ञापन के होर्डिंग्स लग सकते हैं, इसकी भी जानकारी मिलेगी। अफसरों के अनुसार इसके लिए जीआईएस सिस्टम के तहत कार्य शुरू भी कर दिया गया है। पोर्टल के बाद कर चोरी पर भी अंकुश लगेगा।
पांच करोड़ की लागत से जगह-जगह लगेंगी सेंसर लाइट
हर माह आने वाले बिजली के बड़े बिल से राहत देने के लिए फेस वायरिंग एंड मीटरिंग प्लान के तहत स्ट्रीट लाइटों पर लगे तार बदलवाने के साथ ही कुछ स्थानों पर सेंसर लाइट लगवाने की भी योजना है। दिन होने पर यह सेंसर लाइट खुद जल जाएंगी और रात होने पर स्वत: ही बंद भी हो जाएंगी। निगम कार्यालय में बनने वाले कंप्यूटरीकृत कार्यालय से इन लाइटों पर नजर रखी जाएगी। इस वर्ष सिविल लाइंस से दयानंद डिग्री कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क और लाइनपार मोक्षधाम की ओर जाने वाली सड़क पर पथ-प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विक्टोरिया लाइटें लगवाई जाएंगी। इसके लिए भी पांच करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो चुका है।
गुलाबबाड़ी में चालू होगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। 51.37 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट से 20 भूमिगत और 120 छोटे नालों को जोड़ा गया है। जलभराव होने पर प्लांट में लगे पंप तेजी से नालों का पानी खींचकर प्लांट में लाएंगे। इसके बाद यहां पर लगी मशीनों के जरिए पानी को फिल्टर करने के बाद रामगंगा व गांगन नदी में छोड़ा जाएगा। फिल्टर होने के बाद कूड़ा अलग हो जाएगा, जिसे खाद बनाने के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड भेजा जाएगा। वहीं अगर कोई नाला चोक होगा तो प्लांट में लगे अलार्म बज जाएंगे। प्लांट का सफल ट्रायल भी हो चुका है। प्लांट चालू होने के बाद जलभराव से राहत मिलेगी। इसके साथ ही रामगंगा और गांगन नदी में होने वाला प्रदूषण कम होगा।
मार्च 2022 तक इलेक्ट्रिक हो जाएगी चंदौसी-अलीगढ़ लाइन
रेल मंडल की चंदौसी-अलीगढ़ रेलवे लाइन को अभी इलेक्ट्रिक नहीं किया गया है। चार दिन पहले मुरादाबाद मंडल का दौरा करने आए रेलवे जीएम आशुतोष गंगल ने दावा किया है कि मार्च 2022 तक इस लाइन को इलेक्ट्रिक कर दिया जाएगा। इसके बाद रेल यात्रियों का सफर और भी सुगम हो जाएगा।
शहर में लगाए जाएंगे दो हजार सीसीटीवी कैमरे
महानगर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्रमुख चौराहों और बाजारों में करीब दो हजार सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके अलावा चौराहों पर ट्रैफिक लाइट भी दुरुस्त होंगी व नई लगाई जाएंगी। सीसीटीवी कैमरायुक्त ट्रैफिक बूथ भी बनाए जाएंगे। इनके जरिए यातायात नियमों को तोड़ने वालों के वाहनों के नंबर को जूम करके फोटो खींचा जाएगा।
सिक्का डालते ही एटीएम से निकलेंगे शुद्ध पानी के पाउच
महानगर की इस वर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि में सॉलिड बेस्ड वाटर कूलर एटीएम का नाम भी शामिल होगा। पांच करोड़ रुपये की लागत से कुछ स्थानों पर वाटर कूलर एटीएम लगाने की तैयारी है। इस की खास बात यह होगी कि एटीएम में सिक्का डालते ही उससे शुद्ध व साफ पानी के पाउच निकलेंगे। एटीएम में डाली गई रकम के अनुसार पानी के पाउच बाहर आएंगे। फिलहाल अधिकारियों ने अभी प्रति लीटर पानी का दाम तय नहीं किया है। सिविल लाइंस में स्टेट बैंक के सामने और दयानंद डिग्री कॉलेज के पास एटीएम लगाने का काम अंतिम दौर में चल रहा है।
सुधरेगी सड़कों की हालत, बनेंगी नई सड़कें, सुरक्षित होगा सफर
महानगर की उखड़ी सड़कों से हर कोई वाकिफ है। कोई भी ऐसी कॉलोनी या मुहल्ला नहीं है, जहां पर सड़कों से लोग फर्राटा भरते हुए गुजर सकें। उखड़ी सड़क और हर वक्त फैली रहने वाली बजरी के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। इस मुद्दे पर कई बार महानगरवासी निगम अधिकारियों का घेराव भी कर चुके हैं। तमाम सामाजिक संगठनों द्वारा इसको लेकर कई बार ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं। इस पर पैचवर्क करवाया जाता है। कुछ घंटे बाद सड़कें फिर उखड़ जाती हैं। इस वर्ष सड़कों की हालत में सुधार होने की उम्मीद है। करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों को सुधारा जाएगा। नई सड़कों का निर्माण कराने की भी योजना है।
इसके अलावा ये प्रोजेक्ट भी उतरेंगे धरातल पर
-सोलर बेस्ड स्मार्ट टॉयलेट
-फिटिंग ऑफ गोल्ड मार्केट एरिया
-ब्रास रिसर्च एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर
-वाटर सप्लाई स्काडा
-सोलर लालटेन फॉर स्ट्रीट वेंडर
-ब्यूटीफिकेशन ऑफ वाटर टैंक
-स्मार्ट वाटर मीटरिंग
पर्यटन को दिया जाएगा बढ़ावा
स्मार्ट सिटी के तहत महानगर में पर्यटन को बढ़ावा देने की भी तैयारी है। गंगा रिवर फ्रंट और लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना की तर्ज पर महानगर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। रामगंगा नदी के किनारे बसे शहर में आने के लिए पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। रामगंगा नदी के किनारे शहर को नया आयाम देने के लिए इस वर्ष अटल घाट का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। हरिद्वार जिले के रुड़की की आईआईटी की टीम के विशेषज्ञ यहां का सर्वे कर खाका तैयार करेंगे। वहीं इस वर्ष अटल पथ पर होने वाले विकास कार्य पूरे होने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों को मिलेगा बहुउद्देशीय हॉल
दिवंगत क्रिकेटर चेतन चौहान ने अपने गांव मूंढापांडे में मल्टीपरपज हॉल बनाए जाने के लिए शासन से 7.4 करोड़ रुपये दिलाए थे। उनका सपना था कि मूंढापांडे से उनकी तरह ही खिलाड़ी तैयार होकर देश और दुनिया में नाम रोशन करें। शासन ने इसकी जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण निगम को दी थी। 2019 में निर्माण शुरू हुआ, जो नवंबर में पूरा हो गया है। इस हॉल में वॉलीबाल, बैडमिंटन, टेनिस, जूडो आदि इनडोर गेम होंगे। 52 मीटर लंबाई, 32 मीटर चौड़ाई व 13 मीटर ऊंचाई के हॉल के साथ दो चेंज रूम, एक चौकादीर का कमरा और ऑफिस बनाया गया है। युवा कल्याण अधिकारी नरेश चौहान ने बताया कि उम्मीद है नए साल में यह शुरू हो जाएगा।
आंगनबाड़ी और सहायिकाओं के 1080 पदों पर होगी तैनाती
10 सालों का लंबा इंतजार 2022 में खत्म होगा। सरकार के आदेश पर जिले में खाली चल रहे 500 आंगनबाड़ी व 580 सहायिका के पदों पर नए साल में तैनाती की जाएगी। विभाग द्वारा इसकी कवायद तेजी से चल रही है। आवेदनों की जांच भी की जा रही है। जांच में पात्र मिलने पर आवेदकों को नियुक्ति पत्र सौंपकर रोजगार दिया जाएगा। जिले में 2770 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। वर्ष 2012 से कई आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं के पद रिक्त चल रहे हैं। कुल 1080 पदों पर भर्ती होनी हैं। इसमें 500 आंगनबाड़ी व 580 सहायिकाओं के पद शामिल हैं। जुलाई में शुरु हुई आवेदन प्रक्रिया में जिले से 15 हजार आवेदन मिले थे। इसमें करीब 3000 आवेदन सामान्य आरक्षण के शामिल हैं। डीपीओ अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम की निगरानी में आवेदनों की जांच चल रही है। उम्मीद है कि नए साल में पात्र महिलाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
होगी एटीएस यूनिट की स्थापना
मंडल में आए दिन आतंकी गतिविधियों के संदेह से संबंधित खबरें आती रहती हैं। इसके लिए शासन ने यहां एटीएस यूनिट की स्थापना करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कांठ रोड पर जगह भी चिह्नित कर ली गई है। वर्ष 2022 में इसके निर्माण की पूरी उम्मीद है। इसके आने के बाद बाहर से टीम बुलाने का झंझट समाप्त हो जाएगा।
ग्रामवासियों को मिलेंगे डिजिटल मिनी सचिवालय
ग्रामीणों को सरकारी कामकाज के लिए शहर भागने से निजात मिलेगी। उन्हें जरूरी कागजात पंचायत भवन से ही उपलब्ध हो पाएंगे। जिले की सभी 643 ग्राम पंचायत भवनों को आठ करोड़ रुपये की लागत से मिनी डिजिटल सचिवालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में 173 पंचायत भवनों को मिनी डिजिटल सचिवालय के रूप में तैयार कर लिया गया है। इनमें नए साल से पंचायत सहायक भी बैठने लगेंगे ताकि ग्रामीणों को सहूलियत मिल सके। जिले की 643 ग्राम पंचायतों में से 429 में पंचायत भवन निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। भूमि चयन व बजट स्वीकृति के बाद 306 पंचायत भवनों का निर्माण पूर्ण हो गया है। 214 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पहले से निर्मित है। पंचायत भवन में सचिवालय को आठ करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जाना है। डीपीआरओ आलोक कुमार प्रिदर्शी ने बताया कि 173 पंचायत भवन डिजिटल सुविधाओं से लैस हो चुके है। शेष मार्च तक पूरे करा दिए जाएंगे।
गोविंदनगरवासियों को इस साल मिल जाएगा पुल
शहर के गोविंदनगर का फुटओवर ब्रिज आठ करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। नए साल में यहां के लोगों को इसके पूरा होने की उम्मीद है। मौजूदा समय में बिजली विभाग द्वारा पुल पर कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है कि 15 फरवरी से पहले ही इस पुल का निर्माण कर रेलवे महानगरवासियों को नये साल के उपहार के रूप में भेंट कर देगा।
सोनकपुर पुल पर दौड़ सकेंगे वाहन
रेलवे व सेतु निगम की लेटलतीफी से सोनकपुर रेलवे ओवर ब्रिज पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया। लेकिन, नए साल में इस पुल के निर्माण की उम्मीद जताई जा रही है। सेतु निगम अपना काम लगभग पूरा कर चुका है, जबकि रेलवे द्वारा आरओबी पर कार्य किया जा रहा है। सोनकपुर पुल बनने से कांठ रोड व दिल्ली रोड को एक दूसरे से सीधे कनेक्टिविटी मिल जाएगी। रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने पुल का निर्माण फरवरी तक पूरा हो जाने का दावा किया है।
शहर को मिलेगा हेबिटेट सेंटर
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण महानगर में हेबिटेट सेंटर की स्थापना करने जा रहा है। इस सेंटर में आर्ट गैलरी व पीतल के प्रसिद्ध आइटमों के अलावा मुरादाबाद की अन्य वस्तुओं के शोरूम बनेंगे। वहीं एक हजार सीट वाला ऑडिटोरियम भी उपलब्ध होगा। इसके लिए नई सदर तहसील के निकट भूमि चिह्नित कर ली गई है।
ग्रामसभा की भूमि पर बनेगा ईको फ्रेंडली पार्क
कांठ रोड स्थित चट्टा पुल से ठाकुरद्वारा वाली सड़क पर ग्राम सभा की 100 बीघा जमीन है। मनरेगा के तहत इस पर ईको फ्रेंडली पार्क बनवाने की योजना है। पार्क के निर्माण में वन विभाग, जिला उद्यान व ग्राम पंचायत द्वारा काम कराया जाएगा।
अपराधों की सुनवाई के लिए तैयार किया जाएगा वन स्टॉप सेंटर
वर्ष 2018 में वन स्टॉप सेंटर बनाने के लिए शासन से मंजूरी मिली थी। इसको लेकर 49 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। पहली किस्त के रूप में 24 लाख रुपये मिलने के बाद तेजी से काम शुरू हुआ, लेकिन इसके बाद दो साल कोरोना के चलते काम ठप सा हो गया। लाकडाउन के बाद दूसरी किस्त आते ही कार्यदायी संस्था ने काम शुरू कराया। 15 अगस्त से पहले वन स्टॉप सेंटर बन गया, लेकिन हस्तांतरण न होने पर कमिश्नर ने फाइल तलब की। इसके बाद डीएम ने तेजी से सेंटर की औपचारिकताएं पूरी कराने के निर्देश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दौरे में सेंटर का भी उद्घाटन होने क उम्मीद है।
पुलिस को मिलेंगे 250 पुलिसकर्मी
वर्ष 2022 में जनपद पुलिस को कई सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए पहल हो चुकी है। कई योजनाओं को मंजूरी भी मिल चुकी है, जबकि कुछ को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अब यूपी कॉप पर भी केस दर्ज होने लगे हैं। जनवरी के पहले सप्ताह में पुलिस के बेड़े में 250 सिपाही और शामिल हो जाएंगे। अपराध नियंत्रण में इनकी अहम भूमिका रहेगी।
पुलिसकर्मियों को मिलेगी 800 बेड की बैरक
पुलिस लाइन में 800 बेड की बहुमंजिला बैरक भी जल्द ही तैयार हो जाएगी। इसका निर्माण तेजी से चल रहा है। इस बहुमंजिला इमारत की छत से शहर पर भी नजर रखी जा सकेगी। पुलिसकर्मियों के लिए यहां लिफ्ट भी लगाई जाएगी। इससे यहां रहने वाले पुलिसकर्मियों को काफी सुविधा होगी।
फॉरेंसिक लैब में शुरू होगी डीएनए जांच
कांठ रोड स्थित फॉरेंसिक लैब में वर्ष 2022 से डीएनए जांच शुरू हो जाएगी। इसके बाद मुरादाबाद और बरेली मंडल के नौ जिलों को डीएनए जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अभी तक यह जांच लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में ही की जाती है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है।
इस वर्ष जनपद में बनाए जाएंगे सात और नए थाने
वर्तमान में जनपद में बिजली, एएचटीयू, साइबर व महिला थाना तथा 19 सामान्य थाने हैं। इनके अलावा सात नए थाने बनाने के लिए प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने पर सिविल लाइंस, बिलारी, ठाकुरद्वारा और कांठ सर्किल में सात नए थाने बनेंगे। प्रत्येक थाने में अलग से साइबर सेल भी बनाई जाएगी।
