बरेली: पहले भेज दिया 5 लाख का टैक्स, अब मांग रहे रिश्वत, पीड़ित ने तहसील दिवस में की शिकायत तो मचा हंगामा

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बरेली, अमृत विचार। यूपी के बरेली नगर निगम के कर विभाग में आए दिन गड़बड़ियां सामने आती रहती है। हाल ही में ऐसे ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसमें प्लॉट स्वामी को पांच लाख का बिल भेज दिया गया। इस बिल को सही करने के नाम पर दो लाख रुपये सुविधा शुल्क …

बरेली, अमृत विचार। यूपी के बरेली नगर निगम के कर विभाग में आए दिन गड़बड़ियां सामने आती रहती है। हाल ही में ऐसे ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसमें प्लॉट स्वामी को पांच लाख का बिल भेज दिया गया। इस बिल को सही करने के नाम पर दो लाख रुपये सुविधा शुल्क रिश्वत मांगने की भी शिकायत हुई है। पीड़ित का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई तो यह प्रकरण तहसील दिवस में मौजूद अफसरों के सामने पहुंच गया। तब से नगर निगम में खलबली मची हुई है।

किला छावनी का है मामला, 944.62 वर्ग फीट का है प्लाट
दरअसल, मामला किला छावनी के रहने वाले विकास श्रीवास्तव का है। विकास ने तहसील दिवस में पहुंचकर नगर निगम के टैक्स अनुभाग के स्टाफ को लेकर इस मामले का खुलासा किया था। कहा था कि 27 सितंबर 2019 से वह लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। उनका एक 944.62 वर्ग फीट का प्लॉट है। जमीन पर कोई मकान, दुकान नहीं है। इसके बावजूद नगर निगम ने पांच लाख का टैक्स बिल दे दिया है। तब से कई बार चक्कर भी काट चुके मगर कुछ नहीं हुआ।

मोटर मकेनिक है विकास
शिकायकर्ता विकास श्रीवास्तव एक मोटर मकेनिक का काम करता है। उन्होंने कहा कि टैक्स विभाग के कुछ कर्मचारी बिल को ठीक करने के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि जो बिल आया है, उसमें आसपड़ोस की संपत्तियों को भी जोड़कर टैक्स का आंकलन कर दिया गया है।

वर्जन-
शिकायकर्ता का पत्र मिला है। संबंधित विभाग के अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। अगर बिल गलत बना है तो इसको ठीक कराया जाएगा। जांच के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है। —अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

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