मुरादाबाद : 36 घंटे बाद आगरा में मिला अपहृत आढ़ती, साजिशकर्ता गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद,अमृत विचार। पुलिस ने महानगर की पॉश कालोनी से अपहृत हुए आढ़ती का खुलासा कर दिया। अपहरणकर्ता आढ़ती को आगरा में छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस घटना के साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम …

मुरादाबाद,अमृत विचार। पुलिस ने महानगर की पॉश कालोनी से अपहृत हुए आढ़ती का खुलासा कर दिया। अपहरणकर्ता आढ़ती को आगरा में छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस घटना के साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को डीआईजी की ओर से 50 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के रामगंगा विहार निवासी 43 वर्षीय संदीप थरैजा की मंडी समिति में सब्जी व फलों की आढ़त है। वह 30 दिसंबर की सुबह वह आढ़त पर जाने के लिए स्कूटी द्वारा घर से निकले थे। रास्ते में आवास विकास कालोनी में पीएमएस स्कूल के नजदीक स्कार्पियो सवार पांच बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था। पत्नी मीना उर्फ अमृता थरैजा की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने चक्कर की मिलक निवासी रामचंद्र सैनी समेत चार नामजद और चार अज्ञात समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों से पूछताछ की। रामचंद्र सैनी ने अपने भाई बबलू सैनी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात कबूल ली। फरार आरोपी बबलू सैनी देहात विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुका है।

पूछताछ में रामचंद्र सैनी ने बताया कि संदीप थरैजा और कटघर के लाजपतनगर निवासी जयपाल का मंडी समिति स्थत आढ़त को लेकर विवाद चल रहा है। इसे लेकर अदालत में वाद दायर किया गया है। इसी में दुकान करने के लिए रामचंद्र को अधिवक्ता कन्हैया उर्फ चंद्रमोहन निवासी डिप्टीगंज ने करीब डेढ़ साल पूर्व किराए पर दिला दिया था। संदीप को रामचंद्र हर महीने किराया देता था। मगर बहन की शादी के कारण वह किराया नहीं दे पाया था। तब संदीप ने उससे दुकान खाली करने को को कहा था। संदीप ने उसे 28 दिसंबर तक की मोहलत दी थी।

एसएसपी ने बताया कि रामचंद्र किसानों को काफी रुपया बांट चुका था। यदि दुकान खाली हो जाती तो उसकी रकम डूब जाती। उधर संदीप लगातार अपनी दुकान खाली कराने का दबाव बना रहा था। इसे लेकर रोजाना विवाद भी होता था। इसी के चलते रामचंद्र ने संदीप थरैजा को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। इसमें उसने अपने भाई बबलू, मोहल्ले के ही बहादुर, मुखिया उर्फ मुकेश और भोजपुर थानाक्षेत्र के गांव दादूपुर निवासी जसकरन को भी शामिल कर लिया। अपहरण के बाद आरोपी संदीप को चक्कर की मिलक ले गए। वहां उन्होंने उसे नशीला पदार्थ पिलाने का प्रयास किया मगर सफल नहीं हो सके। तब उसे जबरन देशी शराब पिलाई गई। आरोपी उसे कांठ ले गए। इसके बाद वह बेहोश हो गया।

स्कार्पियो खरीदकर दिया घटना को अंजाम
संदीप थरैजा का अपहरण करने के लिए रामचंद्र सैनी और उसके भाई बबलू सैनी ने 27 दिसंबर को पुरानी स्कार्पियो खरीदी। उसने गाड़ी के बारे में किसी को पता नहीं लगने दिया। इसी गाड़ी से संदीप थरैजा का अपहरण किया गया। योजना के तहत लोगों को दिखाने के लिए रामचंद्र मंडी चला गया और दुकान पर जाकर लोगों की नजरों में रहा।

घर से ही किया गया था आढ़ती का पीछा
घटना वाले दिन संदीप थरैजा का अपहरणकर्ताओं ने घर से ही पीछा किया था। इससे पहले रामचंद्र ने संदीप की स्कूटी का फोटो खींचकर नंबर बता दिया था। मौका मिलते ही पीएमएस स्कूल के पास से बबलू ने अपने साथियों के साथ मिलकर संदीप का अपहरण कर लिया।

जंगल में हत्या करके रामगंगा में डालने की थी योजना
अपहरण के बाद संदीप थरैजा की हत्या करके शव को गंगा में डालने की योजना थी। मगर इस घटना की सूचना तत्काल पुलिस को मिल गई। पुलिस तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए डेढ़ दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को उठा लिया। उनमें रामचंद्र सैनी भी शामिल था। पूछताछ में उसने अपना गुनाह भी कबूल लिया। पुलिस ने रामचंद्र पर दबाव बनाया तो अपहरणकर्ता संदीप को सकुशल आगरा में छोड़कर फरार हो गए।

दो अपहरणकर्ताओं ने मारुति वैन से पहुंचाया आगरा
संदीप थरैजा ने बताया कि पुलिस का दबाव पड़ने पर दो आरोपी उन्हें आगरा के आईएसबीटी पर छोड़ आए। उन्होंने संदीप को कंबल भी दिया। उनकी जेब में सात सौ रुपये थे। उन्हें अपहरणकर्ताओं ने हाथ भी नहीं लगाया।

यातना के वो 36 घंटे
अपहरकर्ताओं के चंगुल में 36 घंटे तक रहे संदीप थरैजा घटना की बाबत पूछने पर सिहर उठे। घटना को याद करते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए। बोले, गाड़ी में डालकर अपहरणकर्ता उन्हें कचहरी ले गए। इसके बाद चक्कर की मिलक में नशीला पदार्थ पिलाने का प्रयास किया। बाद में जबरन देशी शराब जैसा कुछ पिलाया। पिछली सीट पर डालकर उनक पर कंबल डाल दी और दो आरोपी उन्हें दबाए रहे। कांठ के पास चाय पीने को कहा मगर उन्होंने नहीं पी। फिर पता नहीं वह कब बेहोश हो गए।

परिजनों ने एसएसपी व पुलिसकर्मियों को कंबल ओढ़ाकर किया सम्मानित
पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान आढ़ती संदीप थरैजा व उनका पूरा परिवार भी मौजूद रहा। संदीप, उनकी पत्नी और साले सनी दुआ ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए एसएसपी व इस घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कहा कि हमने तो केवल फिल्मों में देखा था कि पुलिस मिनटों में किस तरह घटना का खुलासा करती है। आज देख भी लिया। पुलिस उनके बहनोई के लिए भगवान बनकर सामने आई। पत्नी मीना थरैजा ने कहा कि वह पुलिस ने उसके पति को सकुशल बरामद करके पूरे परिवार को बचा लिया है। इस मौके पर संदीप थरैजा ने भी पुलिस का अश्रुपूरित नेत्रों से आभार जताया।

 

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