बाराबंकी: तेंदुए ने बकरी को बनाया निवाला, दहशत में ग्रामीण

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी। जिले में दहशत का पर्याय बने तेंदुए ने रविवार को एक बकरी को अपना निवाला बनाया। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम को तेंदुए का सुराग नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह बकरी को निवाला बनाया गया है उससे तेंदुआ नहीं बल्कि लकड़बग्घा होने की आशंका है। …

बाराबंकी। जिले में दहशत का पर्याय बने तेंदुए ने रविवार को एक बकरी को अपना निवाला बनाया। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम को तेंदुए का सुराग नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह बकरी को निवाला बनाया गया है उससे तेंदुआ नहीं बल्कि लकड़बग्घा होने की आशंका है। शनिवार की रात जानवर ने असंद्रा थाना क्षेत्र के पिपरी मजरा भटिया गांव में एक किसान पर हमला किया था।

इसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई। रात भर गस्त भी हुई। हरख रेंज के असंद्रा थाना क्षेत्र के पिपरी मजरे भटिया गांव में 2 दिनों से तेंदुआ होने की सूचना है। शुक्रवार गांव निवासी सुरेश के पुत्र बंटी ( 10) के सर में हमला करके घायल कर दिया था। शनिवार देर रात घर के बाहर सो रहे रामअचल (42 ) पुत्र कुंजल पर हमले से हड़कंप मच गया। घायल रामअचल व उनके पड़ोसी राजू का कहना है कि टॉर्च की रोशनी में तेंदुए जैसी शक्ल का जानवर था। जो जंगल की ओर चला गया है।

रेंजर हरख संजय श्रीवास्तव ने बताया कि एक युवक के तेंदुए के हमला से घायल की सूचना पर टीम को भेजा गया है। रविवार को सफदरगंज के पास ग्राम लालपुर एक बकरी को निवाला बनाये जाने से इलाके में दहशत बढ़ गई है । शनिवार की रात घर के बाहर बंधी उस्मान पुत्र खालिक की बकरियां अचानक चिल्लाने लगी बकरियो की आहट पर घर से बाहर निकले तो बकरियो के बाड़े में रात के अंधेरे में एक बड़े जानवर को देखा जिसने बकरियों पर हमला बोला था।

उस्मान ने चिल्ला कर गांव वालों को जागने के लिए चिल्लाया तो जानवर बकरी को अपने साथ लेकर भाग गया। कुछ ही देर में पूरे गांव में लोग लाठी डंडा व टार्च से लेकर दौड़े परन्तु जानवर जंगल की ओर भाग गया । पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम ने जांच पड़ताल शुरू की तो के दौरान करीब 50 मीटर की दूरी पर बकरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। रात ढाई बजे से सुबह तक वन विभाग के रेंजर सुबोध कुमार शुक्ला व डिप्टी रेन्जर दिलीप गुप्ता गांव में मौजूद रहे।

एसडीओ डॉ. एनके सिंह ने बताया कि मृत बकरी के अवशेषों को देखने और नाखून व पंजों के निशान से ये अनुमान लगाया जा सकता है। यह तेंदुआ नहीं बल्कि लकडबघ्घा है। क्षेत्र में तेंदुए की आमद को लेकर दहशत व्याप्त हो गई है। रविवार सुबह तो यह आलम था कि गांव के लोग अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया।

खेतों की देखभाल व शौच के लिए बाहर जाने वाले लोग निकले ही नहीं। रामनगर रेन्ज के रेन्जर सुबोध कुमार शुक्ला ने वन विभाग की टीम को काम्बिंग करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से तेंदुए की अफवाह को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीणों से देर रात बच्चों को बाहर न निकलने की अपील की। और जानवरों को खुले में बांधने की सलाह दी।

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