बरेली: नेपाल से दरगाह पहुंचा उलमा का दल
बरेली, अमृत विचार। नेपाल से एक उलमा का दल दरगाह आला हजरत पर हाजिरी देने के लिए शहर पहुंचा है। दरगाह पर नेपाली उलमा ने देश और दुनिया में भाईचारे के लिए दुआ मांगी। नेपाल के सुन्नी मुसलमान आला हजरत को सबसे बड़ा दीनी रहनुमा मानते हैं। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया …
बरेली, अमृत विचार। नेपाल से एक उलमा का दल दरगाह आला हजरत पर हाजिरी देने के लिए शहर पहुंचा है। दरगाह पर नेपाली उलमा ने देश और दुनिया में भाईचारे के लिए दुआ मांगी। नेपाल के सुन्नी मुसलमान आला हजरत को सबसे बड़ा दीनी रहनुमा मानते हैं।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि दरगाह आला हजरत पर हाजिरी देने और दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां से मिलने के लिए नेपाल के प्रदेश नंबर एक और दो के सुन्नी आलिमों, लेखकों, विद्वानों और मुफ्तियों का एक दल शहर आया है।
मंजरे इस्लाम में उनके साथ आलिमों की बैठक हुई, जिसमें मुफ्ती मुहम्मद सलीम बरेलवी ने बताया कि उन्होंने 17 से लेकर 23 नवंबर तक नेपाल में दौरा किया था। लगभग 200 मदरसों, मस्जिदों और 150 से ज्यादा गांव, कस्बों और शहरों में वह गए। नेपाल के मौलाना फुल मोहम्मद नेमत रजवी नेपाली ने कहा कि हमारे यहां के नेपाली मुसलमानों ने मुफ्ती सलीम बरेलवी और मौलाना शहाबुद्दीन रजवी को बताया कि हमें जो दीन और मजहबे इस्लाम की शिक्षा व दीक्षा आला हजरत की किताबों, आला हजरत के खानदान के बुजुर्गों, उनके खलीफाओं और मंज़रे इस्लाम से तालीम हासिल करके आए नेपाल के सुन्नी आलिमों से मिली है।
नेपाल के प्रतिनिधिमंडल में मुफ्ती मेहबूब आलम दराँग, मौलाना मुजाहिद सिरहा, मौलाना अख्तर सुनसरी, मौलाना जमाल जनकपुर धाम, मुफ्ती तौसीफ सपतरी, मुफ्ती मोइन महोतरी आदि शामिल हैं।
